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UP Nikay Chunav: चुनाव ड्यूटी से कतराइए नहीं, मिलेंगी बरात जैसी सुविधाएं, नहीं होगी खानपान सहित दूसरी दिक्कतें

Wed, 26 Apr 2023 04:58 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 26 Apr 2023 04:58 PM IST
सार

चुनाव ड्यूटी को सुगम बनाने से लेकर मतदान कार्मिकों के खान-पान और दूसरी दिक्कतों को दूर करने के लिए एसओपी बन रही है। अब कार्मिकों को कोई दिक्कत नहीं होने वाली।

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Election employees will get all kind of help during their duty.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सरकारी कर्मचारी सोचते हैं कि चुनाव कराने जाएंगे तो बहुत परेशानियां होंगी। इसकी वजह से हर चुनाव से पहले ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदनों की लंबी सूची के अलावा सिफारिशों की बाढ़ सी आ जाती है। अब जिला प्रशासन इन मुश्किलों को ही दूर कराने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) बना रहा है, ताकि सभी कर्मचारियों को बरात जैसी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस एसओपी में कागजी कार्यवाही को आसान बनाने से लेकर रवानगी स्थल और वापसी में बैलेट बॉक्स या ईवीएम जमा करने की प्रक्रिया को भी सुगम बनाया जा रहा है।

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डीएम सूर्यपाल गंगवार का कहना है कि चुनाव के समय ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मचारी, अधिकारी हर संभव प्रयास करते हैं। इसकी वजह यह भी है कि चुनाव कराने जाने के दौरान कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ये दिक्कतें मतदान के दिन से एक दिन पहले शुरू होती हैं। इसके बाद मतदान के दिन देर रात तक चालू रहती हैं। इन दिक्कतों को ही खत्म कर दिया जाए तो कर्मचारियों को भी चुनाव ड्यूटी करने में परेशानी नहीं आएगी। इसी को प्राथमिकता देकर एसओपी बनाई गई है। इसको लागू करते हुए अब सुविधाएं बेहतर करनी हैं।
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एसओपी के मुताबिक रवानगी स्थल स्म़ृति उपवन में सेक्टर और जोनवाइज काउंटर बनाकर मतदान किट दी जाएगी। इसी तरह पार्किंग में बस या अन्य गाड़ियां भी मतदान कर्मियों को जोन व सेक्टर वाइज पार्किंग में खड़ी मिलेंगीं। इससे कर्मचारियों को बेवजह भटकना नहीं पड़ेगा। इसकी जानकारी भी प्रशिक्षण के समय ही कार्मिकों को दी जा रही है। इसी तरह गाड़ियों के ड्राइवर व अन्य स्टाफ का प्रशिक्षण भी होगा। 

मतदान कार्मिकों व ड्राइवर के खाने-पीने की व्यवस्था भी स्मृति उपवन मैदान में ही रहेगी। चुनाव कराने के समय भी इसी तरह रिटर्निंग अफसर यह सुनिश्चित कराएंगे कि सभी पीठासीन अधिकारियों को निर्वाचक फार्म की बुकलेट, पीठासीन डायरी नए फार्मेट में मिल जाए, जिसे आसान भाषा में निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक तैयार किया गया है। इससे अंतिम समय में ईवीएम, बैलेट बॉक्स जमा करने में दिक्कत नहीं आएगी। यही वजह होती है कि कई बार सुबह तक कार्मिक माथापच्ची करते रहते हैं। रवानगी और वापसी दोनों की प्रक्रिया रात में अधिकतम एक बजे तक खत्म करा दी जाएगी।

डीएम ने खुद बनाई निर्वाचक फॉर्म की बुकलेट

निर्वाचन आयोग से आने वाले निर्वाचक फॉर्म की भाषा को समझने में मतदान कार्मिकों को दिक्कत होती है। यही वजह है कि कई बार वे फॉर्म नहीं भर पाते। इस दिक्कत को दूर करने के लिए डीएम सूर्यपाल गंगवार ने इन फॉर्म को आसान तरीके से फॉर्मेट कराया है। इसकी बुकलेट में हर भाग की एक हेडलाइन बनाते हुए इसे आसान बनाया गया है।

इंटरनेट चालू रहे, इसके लिए वैकल्पिक योजना
रवानगी स्थल पर सबसे बड़ी दिक्कत मोबाइल पर काउंटर की लोकेशन देखने के अलावा व्हाट्सएप, सामान्य कॉल या अन्य तरीके से कम्युनिकेट करने के समय इंटरनेट और सिग्नल की दिक्कत आती है। 30 हजार से अधिक कार्मिक एक साथ एक ही जगह होते हैं। इससे सिग्नल टैरिफ जाम होने लगता है। इस परेशानी को भी दूर करने के लिए एसओपी में शामिल करते हुए सिग्नल बूस्टर टावर, तीन से अधिक कंपनियों के वाईफाई इंटरनेट स्मृति उपवन में उपलब्ध रहेंगे।

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