यूपी पंचायत चुनाव: आठ हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का नहीं हो सका गठन, कराना होगा उपचुनाव
प्रदेश की 58,176 ग्राम पंचायतों के 7,32,485 वार्डों में वार्ड सदस्य के लिए चुनाव हुआ। इनमें से 3,17,127 वार्डों में सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। जबकि 4,15,358 वार्डों के लिए 4,38,277 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।
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उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद भी आठ हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सकेगा। राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायतों का गठन कराने के लिए छह महीने में उप चुनाव कराना होगा।
प्रदेश की 58,176 ग्राम पंचायतों के 7,32,485 वार्डों में वार्ड सदस्य के लिए चुनाव हुआ। इनमें से 3,17,127 वार्डों में सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए। जबकि 4,15,358 वार्डों के लिए 4,38,277 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। आयोग को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब आठ हजार ऐसी ग्राम पंचायतें रही है, जहां सदस्यों की संख्या दो तिहाई से कम है।
उदाहरण के लिए अगर किसी ग्राम पंचायत में सदस्यों की कुल संख्या 12 है तो वहां पर ग्राम पंचायत के गठन के लिए कम से कम 9 निर्वाचित सदस्यों का होना आवश्यक है। 9 से कम सदस्य होने पर वहां शेष रिक्त पदों के लिए उप चुनाव कराने का प्रावधान है।
जिलों से मांगी जाएगी सूचना
राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्याधिकारी एसके सिंह का कहना है कि प्रारंभिक आंकलन में करीब आठ हजार ग्राम पंचायतों में सदस्यों की संख्या दो तिहाई से कम रही है।
उनका कहना है कि पंचायतीराज विभाग की ओर से पंचायतों के गठन के लिए जिलों से इसकी सूचना मांगी जाएगी। जिलों सूचना मिलने के बाद जहां कहीं सदस्य संख्या कम होगी, वहां पर उप चुनाव कराया जाएगा।