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गोंडा: परिवार के परिवार उजाड़ रहा कोरोना, गांव में पांच दिन में आठ लोगों की मौत से मचा कोहराम

Thu, 06 May 2021 11:14 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा Published by: ishwar ashish Updated Thu, 06 May 2021 11:14 AM IST
सार

चकरौत गांव व आसपास के गांवों में एक सप्ताह से करीब नौ लोगों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में नहीं  पहुंची। न ही गांवों में सैनिटाइजेशन ही कराया गया।

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Eight people died in five days in a village in Gonda.
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोना और उससे होने वाली मौतों से दहशत का आलम है। दो सप्ताह में एक ही घर से पांच अर्थियां निकलने व गांव से तीन अन्य लोगों की मौत होने से चकरौत गांव में मातमी सन्नाटा है। वहीं करनैलगंज नगर के एक वार्ड से पांच दिनों में आठ लोगों की मौत से जबरदस्त दहशत है।

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चकरौत गांव व आसपास के गांवों में एक सप्ताह से करीब नौ लोगों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में नहीं पहुंची। न ही गांवों में सैनिटाइजेशन ही कराया गया। करनैलगंज सीएचसी के अंर्तगत ग्राम पंचायत चकरौत से बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां कोरोना संक्रमण की वजह से एक ही परिवार के पांच लोगों की दो सप्ताह के भीतर मौत हो गई।
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इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। करनैलगंज क्षेत्र में कोरोना का कहर एक ही परिवार पर इस कदर टूटा कि एक सप्ताह के भीतर पांच लोगों की जान चली गई। वहीं आस-पास के गांवों में एक सप्ताह के भीतर करीब 9 लोगों की मौत हो चुकी है। विगत दिनों मंडी समिति के लिपिक हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव की मौत हो गई थी। उसके बाद उनकी 75 वर्षीय मां सरला श्रीवास्तव पत्नी मोतीलाल श्रीवास्तव की मौत हुई।
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इसी सप्ताह उनके 46 वर्षीय भाई अश्वनी श्रीवास्तव पुत्र मोतीलाल श्रीवास्तव की मौत हुई। यह क्रम जारी रहा उसके बाद 45 वर्षीय उषा श्रीवास्तव पत्नी अश्वनी की भी मौत हो गई। सबसे बड़ा दुख का पहाड़ तब टूटा जब अश्वनी के 22 वर्षीय जवान बेटे सौरभ श्रीवास्तव की भी मौत हो गई। एक सप्ताह के भीतर एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। पूरे गांव के लोगों में दहशत बनी हुई है।

इन लोगों की भी हो गई मौत

इसी गांव में 45 वर्षीय सरिता पत्नी कृष्ण लाल तथा गांव की सीमा पर ग्राम बाबुरास पांडेपुरवा निवासी श्रीनाथ शुक्ल 60 वर्ष पुत्र भगवती प्रसाद की कोरोना से मौत हुई है। इसके अलावा करनैलगंज क्षेत्र के युवा वर्ग में भी कोरोना का संक्रमण तेजी से प्रभावी है। जिसमें पाण्डेयचौरा के रहने वाले 22 वर्षीय मनीष सिंह पुत्र मदन सिंह की मौत हो गई।

इसके अलावा, गुरसडी के 21 वर्षीय शुभम पुत्र दयाराम गोस्वामी की मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। गांव के कई और लोगों में भी कोरोना संक्रमित होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, बताया जा रहा है कि संक्रमण की इस रफ्तार के बाद भी प्रशासन की ओर से इस गांव को न तो अभी तक सील किया गया है, और न ही इस गांव को लेकर कोई सूचना जारी की गई है। जबकि करीब एक दर्जन से अधिक कोरोना पॉजिटिव लोग इस गांव में बीमारी की हालत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सैनिटाइजेशन या बैरिकेडिंग तक नहीं कराई गई है।

दूसरी तरफ क्षेत्र के सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इन मौतों को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी संवेदना व्यक्त करने के साथ चिंता जाहिर की है। उधर करनैलगंज नगर के केवल एक वार्ड से बीते पांच दिनों में आठ लोगों की मौत से मोहल्ले में जबरदस्त दहशत है। एक के बाद एक घरों से निकलने वाली लाशों को देखकर लोग सहम से गए हैं।

मौतों के बाद भी मोहल्ले नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

करनैलगंज नगर के वार्ड नम्बर 17 में मोहल्ला बालकराम पुरवा व भैरवनाथ पुरवा हैं। इस वार्ड में लगातार हो रही मौतों से मातमी सन्नाटे की दस्तक हो चुकी है। वार्ड सभासद मोहम्मद शाबिर ने प्रशासन को भेजे गए पत्र में लिखा है कि नगर पालिका द्वारा साफ सफाई व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई है मगर वह कोरोना का इलाज नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम तमाम मौतों के बाद भी मोहल्ले में नहींं पहुंची है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिनों में दो परिवारों के चार लोगों सहित आठ लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उनके वार्ड से मजीद पुत्र ईदू, जैतून पत्नी अय्यूब, समसुद्दीन पुत्र अब्दुल रऊफ, निजामुद्दीन पुत्र अब्दुल रऊफ, मैसर जहां पत्नी रज्जब, मेहरून पत्नी जाकिर, कय्यूम पुत्र अय्यूब, शमा परवीन पत्नी मोहम्मद आरिफ की मौत हो चुकी है जबकि करीब आधा दर्जन लोग बीमार है। जिसमे कुछ का इलाज बाहर चल रहा है। उन्होंने मोहल्ले में स्वास्थ्य टीम को भेजने व जांच कराने के साथ ही पीड़ितों का इलाज कराए जाने की मांग की है।

सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्रा कहते हैं कि कोरोना की जांच व उसका उपचार कराना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। गांव को सील करने व सेनिटाइज करने का काम प्रशासन व बीडीओ का है। शहरी क्षेत्र में प्रशासन व नगर पालिका का काम है। लगातार जांच कराई जा रही है पॉजिटिव लोगों की सूची प्रशासन व ब्लॉक पर भेज दी जाती है।

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