ईद उल अजहा: 450 करोड़ से चमका कुर्बानी का बाजार, लखनऊ की सिर्फ दो मंडियों में 40 करोड़ से ज्यादा के बकरे बिके
लखनऊ की कुल आबादी करीब 45 लाख है। इसमें 21 फीसदी मुसलमान हैं। इनकी आबादी करीब 9.50 लाख है। इसमें से 30 फीसदी यानी तीन लाख लोग कुर्बानी के लिए बकरा खरीदते हैं। एक बकरे की औसत कीमत 15 हजार रुपये मान लें तो कारोबार 450 करोड़ तक पहुंच जाता है।
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ईद उल अजहा पर मुसलमानों ने 450 करोड़ रुपये कुर्बानी के जानवरों पर खर्च किए हैं। शहर की दुबग्गा और खदरा पुल के नीचे लगी बकरा मंडी में ही बीते छह दिनों में 40 करोड़ रुपयों से ज्यादा के बकरों की खरीदारी की गई। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के प्रवक्ता मौलाना सुफियान निजामी बताते हैं कि वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक लखनऊ की कुल आबादी करीब 45 लाख है। इसमें 21 फीसदी मुसलमान हैं। इनकी आबादी करीब 9.50 लाख है। इसमें से 30 फीसदी यानी तीन लाख लोग कुर्बानी के लिए बकरा खरीदते हैं। एक बकरे की औसत कीमत 15 हजार रुपये मान लें तो कारोबार 450 करोड़ तक पहुंच जाता है।
1.60 लाख का बिका दुम्बा लाला
दुबग्गा के बकरा बाजार में तुर्की नस्ल का दुम्बा लाला 1.60 लाख रुपये में बिक गया। सुल्तानपुर के जय प्रकाश 140 किग्रा के भारी भरकम लाला को लेकर मंडी पहुंचे थे।
3000 रुपये में ले सकते है कुर्बानी का हिस्सा : शहर में कई जगहों पर मोहल्ला कमेटियों, नदवा, बिल्लोच्चपुरा आदि जगहों पर बड़े जानवरों में हिस्सा लेने की व्यवस्था की गई है। शहर में 3000 रुपये से 4000 रुपये में कुर्बानी का हिस्सा मिल रहा है।
देर रात तक गुलजार रहे कपड़ा और चूड़ी बाजार
ईद उल अजहा की मुबारकबाद के साथ शुक्रवार को अमीनाबाद, मौलवीगंज, नक्खास, खदरा, डालीगंज, निशातगंज आदि बाजारों में देर रात तक रौनक छाई रही। इन बाजारों में महिलाओं की टोलियां सजने संवरने के लिए चूड़ियां, कंगन, कपड़ों की खरीदारी करती नजर आईं। वहीं, खानपान का स्वाद लेने वाले भी देर रात तक ईद-उल-अजहा की रौनक का लुत्फ लेते रहे।