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Lucknow: दरिंदगी, कट्टरता और अराजकता के खिलाफ शहर में होगा रावण दहन, रामलीला के बाद फूंका जाएगा लंकेश का पुतला

Sat, 12 Oct 2024 12:53 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 12 Oct 2024 12:53 PM IST
सार

लखनऊ में विजयादशमी के मौके पर दरिंदगी, कट्टरता और अराजकता के खिलाफ एकजुटता की थीम पर रावण का दहन होगा। शहर में ऐशबाग के रामलीला मैदान के अलावा, महानगर, डालीगंज, जानकीपुरम, तेलीबाग समेत कई इलाकों में आयोजित की जा रही रामलीला के बाद आज रावण का पुतला जलाया जाएगा।

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Effigies of Ravana burned at many places in Lucknow.
रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आश्विन शुक्ल दशमी पर आज राजधानी में दरिंदगी, कट्टरता और अराजकता के खिलाफ एकजुटता की थीम पर रावण का दहन होगा। ऐशबाग रामलीला मैदान में सात फीट का रावण जलेगा। भव्य आतिशबाजी होगी। श्री रामलीला समिति के पदाधिकारी हरिश्चचंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस बार के रावण दहन की थीम है दरिंदगी, कट्टरता और अराजकता के खिलाफ एकजुटता। आयोजन शाम 7 बजे से शुरू होगा। 

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रामलीला मैदान के साथ ही लीला मंचों पर होगा रावण वध
यूं तो गली-गली, हर मोहल्ले और घर-अपार्टमेंट में बच्चे-बड़े मिलकर रावण का पुतला जलाते हैं। शहर में ऐशबाग के रामलीला मैदान के अलावा, महानगर, डालीगंज, जानकीपुरम, तेलीबाग समेत कई इलाकों में आयोजित की जा रही रामलीला के बाद आज रावण का पुतला जलाया जाएगा। 
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अबूझ मुहूर्त भी आज, कर सकते हैं कोई भी नया काम
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल व पंडित धीरेन्द्र पांडेय के मुताबिक, विजय दशमी पर स्वयं सिद्ध अबूझ मुर्हूत होता है कोई भी नया काम प्रारम्भ करना शुभ होता है। इस दिन रावण मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले जलाने की परम्परा है। इस दिन संध्या के समय के पुतलों का दहन किया जाता है। इस दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है। ये क्षत्रियों का बहुत बड़ा पर्व है। इस दिन विजय मुहूर्त में अस्त्र- शस्त्र पूजन का विधान है। मां दुर्गा भगवान राम की पूजा, अपराजिता पूजन, विजय-प्रयाण और शमी पूजन आदि कर्म इस पर्व पर किए जाते हैं। अपरान्ह बेला में ईशान दिशा में अपराजिता देवी के साथ जया और विजयादेवी का पूजन किया जाता है। इस दिन शमी वृक्ष के पूजन का भी विधान है। दशमी तिथि में विजय मुहूर्त 12 अक्तूबर को दिन में 01ः49 बजे से 02ः35 बजे तक है। अपरान्ह पूजन मुर्हूत दिन में 01ः02 बजे से 03ः21 बजे तक अपराजिता देवी का पूजन, शमी वृक्ष पूजन और सीमा उल्लंघन कर्म (शत्रु क्षेत्र में प्रवेश करना ) करना शुभ होता है।
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यहां लगेगा दशहरा मेला और होगा रावण दहन
- श्री रेलवे रामलीला व दशहरा कमेटी की ओर से वेजीटेबल ग्राउंड में विजयदशमी दशहरा उत्सव मेला, रात 9 बजे।
- श्री मौसमगंज रामलीला समिति की ओर से डालीगंज स्थित लीला स्थल में रावण वध मंचन व दशहरा मेला रात 10 बजे।
- श्री जीवन सुधार रामायणी सभा की ओर से चिनहट रामलीला समिति के मंचन में दशहरा मेला, कुंभकरन, मेघनाद और रावण का वध मंचन, आयोजन रात 10 बजे। 
- महानगर रामलीला समिति की ओर से राम कुंभकरण युद्ध, लक्ष्मण मेघनाद युद्ध, रावण मेघनाद का पुतला दहन, आतिशबाजी रामलीला पार्क में मंचन रात 10 बजे।

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