ईडी की पूछताछ में गायत्री के छूटे पसीने, आय से अधिक सम्पत्ति के सवालों पर कभी हकलाए तो कभी हुए चुप
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उत्तर प्रदेश के पूर्व खनन मंत्री बुधवार को भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ के दौरान कई बार लड़खड़ाए। उन्होंने कई बार बयान बदला और लगातार हो रहे सवालों से बचने के लिए तबीयत बिगड़ने का बहाना भी किया। ईडी ने उनसे छह घंटे से ज्यादा पूछताछ की। पूछताछ का सिलसिला अभी दो दिन और चलेगा।
केजीएमयू में भर्ती गायत्री से बुधवार को भी पूछताछ का सिलसिला 11 बजे से लेकर शाम पांच बजे के बाद तक जारी रहा। ईडी की टीम ने खास तौर पर उनकी संपत्ति को लेकर सवाल किए। ईडी ने उनसे पूछा कि मंत्री रहने के दौरान उनके पास आय से अधिक की संपत्ति कैसे आई।
कितनी संपत्ति पैतृक है और कितनी उन्होंने अर्जित की है। उनसे कुछ कंपनियों के बारे में भी जानकारी मांगी गई, जिनमें उनकी ऊपरी कमाई होने की बात सामने आ रही है।
कई बार लड़खड़ाई जवान
ईडी के सूत्रों के अनुसार, जवाब देने के दौरान गायत्री की जबान कई बार लड़खड़ाई। कई सवालों पर उन्होंने पहले आरोप स्वीकार किए, पर बाद में मुकर गए। गायत्री कुछ सवालों पर चुप्पी साध गए और कुछ सवालों के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कह कर उसे टालने की कोशिश करते नजर आए।
इस बीच उन्होंने दो से तीन बार तबीयत बिगड़ने की बात कही, जिस पर चिकित्सकों को बुलाया गया और फिर पूछताछ का सिलसिला शुरू कर दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि ईडी के तीखे सवालों के बचने के लिए गायत्री ने कई पैंतरे बदले। कुछ सवालों को वे बेबुनियाद बताने की कोशिश करते रहे तो कुछ पर कहा कि उन पर गलत आरोप लगाया जा रहा है।
करीबियों व रिश्तेदारों की सम्पत्ति को लेकर भी की गई पूछताछ
ऐसे जवाबों पर ईडी उनकी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज दिखाती तब वे चुप्पी साध जाते। ईडी ने गायत्री से उनके उन करीबियों व रिश्तेदारों की संपत्तियों के बारे में भी सवाल किए जो गायत्री की बताई जा रही हैं।
ईडी ने गायत्री से उनके कार्यकाल में नियमों को दरकिनार कर किए गए पट्टों के कुछ आवंटन को लेकर भी सवाल किए। ईडी ने उनसे पूछा कि इन आवंटन से उन्हें क्या लाभ मिला।
ईडी ने इसके साथ ही गायत्री के बैंक खातों व अचल और बेनामी संपत्ति को लेकर भी पूछताछ की।