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Lucknow News: सीएचसी में गर्भवतियों के न बन रहे ई-वाउचर और न हो रहा अल्ट्रासाउंड
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। राजधानी की छह सीएचसी में नौ माह से अल्ट्रासाउंड मशीनें बंद पड़ी हैं। ई वाउचर भी जनरेट नहीं हो रहे। ऐसे में डॉक्टर मरीजों और गर्भवतियों को जांच के लिए निजी केंद्र भेज रहे हैं, जहां उन्हें मोटी फीस देनी पड़ रही है। हालांकि, इन सब के बाद भी सीएमओ की सेहत पर फर्क नहीं पड़ रहा है।
इंदिरानगर सीएचसी पहुंचीं जयदेवी को डॉक्टर ने खून से जुड़ी कुछ जांच और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। खून की जांच तो हो गई, मगर अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें निजी केंद्र जाना पड़ा। इसी तरह सभी गर्भवतियों व सामान्य मरीजों को निजी केंद्र भेजा जा रहा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि पोर्टल की समस्या के कारण ई-वाउटर जनरेट होने में दिक्कत आ रही है।
हर सीएचसी से रोजाना करीब 100 से अधिक मरीज निजी केंद्र जा रहे
अलीगंज, आलमबाग चंदरनगर, कैसरबाग रेडक्रॉस, सिल्वर जुबली ऐशबाग, नगराम, टुडियागंज में भी मशीनें खराब हैं। इन छह सीएचसी से रोजाना करीब 100 से अधिक लोगों को अल्ट्रासाउंड जांच लिखी जा रही है। वहां सुविधा न होने से उन्हें निजी केंद्र भेजा जा रहा है। इसके बाद भी अफसरों की सेहत पर फर्क नहीं पड़ रहा है। अफसर सभी सुविधाएं बेहतर होने का दावा कर रहे हैं।
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इंदिरानगर सीएचसी पहुंचीं जयदेवी को डॉक्टर ने खून से जुड़ी कुछ जांच और अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। खून की जांच तो हो गई, मगर अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें निजी केंद्र जाना पड़ा। इसी तरह सभी गर्भवतियों व सामान्य मरीजों को निजी केंद्र भेजा जा रहा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि पोर्टल की समस्या के कारण ई-वाउटर जनरेट होने में दिक्कत आ रही है।
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हर सीएचसी से रोजाना करीब 100 से अधिक मरीज निजी केंद्र जा रहे
अलीगंज, आलमबाग चंदरनगर, कैसरबाग रेडक्रॉस, सिल्वर जुबली ऐशबाग, नगराम, टुडियागंज में भी मशीनें खराब हैं। इन छह सीएचसी से रोजाना करीब 100 से अधिक लोगों को अल्ट्रासाउंड जांच लिखी जा रही है। वहां सुविधा न होने से उन्हें निजी केंद्र भेजा जा रहा है। इसके बाद भी अफसरों की सेहत पर फर्क नहीं पड़ रहा है। अफसर सभी सुविधाएं बेहतर होने का दावा कर रहे हैं।
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