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Lucknow News: हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष पद पर डॉ. सचान बरकरार, दावा भ्रामक
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प्रेसवार्ता करते अधिवक्ता।
लखनऊ। हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष पद को लेकर चल रहे विवाद के बीच डॉ. अमोद कुमार सचान के अधिवक्ताओं ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सचान ही ट्रस्ट के अध्यक्ष और अधिकृत हस्ताक्षरी हैं। अधिवक्ताओं ने बृज किशोर सिंह के दावों को भ्रामक करार दिया। शुक्रवार को डॉ. अमोद सचान के अधिवक्ता भानु प्रताप मिश्रा व स्कन्ध बाजपेयी ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी साझा की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि ट्रस्टी बृज किशोर सिंह और उनके पुत्र मानवेंद्र सिंह मीडिया में गलत प्रचार कर रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि वित्तीय अनियमितता के आरोप में डॉ. सचान को हटा दिया गया है, जबकि सिविल न्यायालय और हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने डॉ. सचान को अध्यक्ष पद पर बने रहने का अंतरिम आदेश दिया है। ट्रस्ट का गठन 2004 में डॉ. सचान ने किया था। इसके तहत बाराबंकी के सफेदाबाद और सीतापुर के अटरिया में हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज संचालित है।
आरोप है कि 2007 में कुछ लोगों ने बैंक खातों से करोड़ों रुपये निजी कंपनियों में ट्रांसफर किए थे, जिसकी प्राथमिकी दर्ज है। अधिवक्ताओं के अनुसार, धन वापस मांगने पर बृज किशोर सिंह ने 16 जनवरी और तीन फरवरी 2026 को फर्जी प्रस्ताव बनाए। उन्होंने खुद को अध्यक्ष घोषित कर कार्यालय पर कब्जे का प्रयास किया। सिविल कोर्ट ने डॉ. सचान के पक्ष में आदेश दिया है। ट्रस्ट का वित्तीय नियंत्रण भी डॉ. सचान के पास है।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि ट्रस्टी बृज किशोर सिंह और उनके पुत्र मानवेंद्र सिंह मीडिया में गलत प्रचार कर रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि वित्तीय अनियमितता के आरोप में डॉ. सचान को हटा दिया गया है, जबकि सिविल न्यायालय और हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने डॉ. सचान को अध्यक्ष पद पर बने रहने का अंतरिम आदेश दिया है। ट्रस्ट का गठन 2004 में डॉ. सचान ने किया था। इसके तहत बाराबंकी के सफेदाबाद और सीतापुर के अटरिया में हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज संचालित है।
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आरोप है कि 2007 में कुछ लोगों ने बैंक खातों से करोड़ों रुपये निजी कंपनियों में ट्रांसफर किए थे, जिसकी प्राथमिकी दर्ज है। अधिवक्ताओं के अनुसार, धन वापस मांगने पर बृज किशोर सिंह ने 16 जनवरी और तीन फरवरी 2026 को फर्जी प्रस्ताव बनाए। उन्होंने खुद को अध्यक्ष घोषित कर कार्यालय पर कब्जे का प्रयास किया। सिविल कोर्ट ने डॉ. सचान के पक्ष में आदेश दिया है। ट्रस्ट का वित्तीय नियंत्रण भी डॉ. सचान के पास है।
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