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Lucknow News: डॉक्टर अब हाथ से नहीं लिखेंगे पर्चा, मरीजों को देंगे प्रिंटेड पर्ची
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लखनऊ। राजधानी की पीएचसी में डॉक्टरों के लिखे पर्चे पढ़ने में अब किसी तरह की अड़चन नहीं आएगी। मरीज इसे आसानी से समझ सकेंगे। दवाओं का प्रिस्क्रिप्शन भी उनके हेल्थ रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि जिले में 54 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) हैं। इनमें से 48 यूपीएचसी में डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसे सीधे मरीजों की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी से जोड़ा जा रहा है। इससे न सिर्फ दवा लेने में सुविधा होगी, बल्कि मरीजों का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा।
सीएमओ ने बताया कि कई बार समस्या सामने आती है कि डॉक्टर की लिखावट मरीज और फार्मासिस्ट समझ नहीं पाते हैं। ऐसे में दवा का पता लगाने के लिए दिक्कत आती थी। 48 पीएचसी में मरीजों को हाथ से लिखने की जगह दवाओं का नाम प्रिंट करके दिया जा रहा है। जल्द ही यह सुविधा अन्य छह यूपीएचसी में भी शुरू कर दी जाएगी। साथ ही मरीजों को दी जाने वाली दवाओं का रिकॉर्ड रखने के लिए इसे आभा आईडी से जोड़ा जा रहा है। इससे यदि मरीज का पर्चा खो गया या वह अस्पताल लाना भूल गया है तो डॉक्टर डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन देखकर यह पता कर लेंगे कि उन्होंने मरीज को पूर्व में क्या दवा लिखी थी।
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सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि जिले में 54 नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) हैं। इनमें से 48 यूपीएचसी में डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा शुरू कर दी गई है। इसे सीधे मरीजों की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी से जोड़ा जा रहा है। इससे न सिर्फ दवा लेने में सुविधा होगी, बल्कि मरीजों का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा।
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सीएमओ ने बताया कि कई बार समस्या सामने आती है कि डॉक्टर की लिखावट मरीज और फार्मासिस्ट समझ नहीं पाते हैं। ऐसे में दवा का पता लगाने के लिए दिक्कत आती थी। 48 पीएचसी में मरीजों को हाथ से लिखने की जगह दवाओं का नाम प्रिंट करके दिया जा रहा है। जल्द ही यह सुविधा अन्य छह यूपीएचसी में भी शुरू कर दी जाएगी। साथ ही मरीजों को दी जाने वाली दवाओं का रिकॉर्ड रखने के लिए इसे आभा आईडी से जोड़ा जा रहा है। इससे यदि मरीज का पर्चा खो गया या वह अस्पताल लाना भूल गया है तो डॉक्टर डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन देखकर यह पता कर लेंगे कि उन्होंने मरीज को पूर्व में क्या दवा लिखी थी।
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