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Lucknow News: पढ़ने गए डॉक्टर पांच साल से गैरहाजिर, एक करोड़ की होगी वसूली
Fri, 03 Mar 2023 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 03 Mar 2023 12:36 AM IST
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रायबरेली। पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई करने गए चिकित्सक साढ़े पांच साल से गैरहाजिर हैं। जिले के महराजगंज क्षेत्र की घुरौनी पीएचसी में तैनात चिकित्सक वर्ष 2017 से अब तक नहीं लौटे हैं।
सरकार ने फ्री में पढ़ाई करवाई, लेकिन पीजी करने के बाद 10 साल तक लगातार सेवा में रहने के आदेश का अनुपालन न करने पर चिकित्सक को नोटिस जारी करके एक करोड़ रुपये की वसूली की चेतावनी दी गई है। डॉक्टर को 15 दिन में अस्पताल में जॉइन करने के आदेश दिए गए हैं।
सरकारी सेवा में आने के बाद एमबीबीएस डॉक्टरों को पीजी की पढ़ाई का खर्च विभाग उठाता है। इसके एवज में पीजी करने के बाद 10 साल तक लगातार सेवा में रहने का बांड भी भराया जाता है।
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ऐसा न करने पर एक करोड़ रुपये तक की वसूली की व्यवस्था है। जिले की घुरौनी पीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. मुक्ताकर सिंह बांड भरने के बाद वर्ष 2017 में पीजी की पढ़ाई करने गए थे। वर्ष 2018 में उन्हें वापस लौट आना था, लेकिन उन्होंने अब तक जॉइन नहीं किया है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में निदेशक प्रशासन डॉ. राजा गणपति आर ने चिकित्सक को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर अस्पताल में काम शुरू करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर बांड के हिसाब से एक करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। ऐसे और चिकित्सकों को चिह्नित किया जा रहा है।
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सरकार ने फ्री में पढ़ाई करवाई, लेकिन पीजी करने के बाद 10 साल तक लगातार सेवा में रहने के आदेश का अनुपालन न करने पर चिकित्सक को नोटिस जारी करके एक करोड़ रुपये की वसूली की चेतावनी दी गई है। डॉक्टर को 15 दिन में अस्पताल में जॉइन करने के आदेश दिए गए हैं।
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सरकारी सेवा में आने के बाद एमबीबीएस डॉक्टरों को पीजी की पढ़ाई का खर्च विभाग उठाता है। इसके एवज में पीजी करने के बाद 10 साल तक लगातार सेवा में रहने का बांड भी भराया जाता है।
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ऐसा न करने पर एक करोड़ रुपये तक की वसूली की व्यवस्था है। जिले की घुरौनी पीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. मुक्ताकर सिंह बांड भरने के बाद वर्ष 2017 में पीजी की पढ़ाई करने गए थे। वर्ष 2018 में उन्हें वापस लौट आना था, लेकिन उन्होंने अब तक जॉइन नहीं किया है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में निदेशक प्रशासन डॉ. राजा गणपति आर ने चिकित्सक को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर अस्पताल में काम शुरू करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर बांड के हिसाब से एक करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। ऐसे और चिकित्सकों को चिह्नित किया जा रहा है।