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बच्चेदानी में थे तीन ट्यूमर, लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने सर्जरी कर मां-शिशु को दी नई जिंदगी
Sat, 21 Sep 2019 04:46 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 21 Sep 2019 04:46 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने शुक्रवार को प्रसव के लिए भर्ती महिला की सर्जरी कर न सिर्फ उसे ट्यूमर से निजाता दिलाया बल्कि मां और शिशु को भी नई जिंदगी दी। डॉक्टरों ने बताया कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान ही बच्चेदानी में तीन ट्यूमर दिखाई पड़े, जबकि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में ट्यूमर नहीं दिख रहे थे।
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डॉक्टरों का कहना है कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सीतापुर महमूदाबाद निवासी रामकुमार की पत्नी अंकिता (24) का इलाज स्थानीय निजी अस्पताल से चल रहा था। वहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर लोहिया अस्पताल भेज दिया।
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सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान महिला की बच्चेदानी में एक बड़ा ट्यूमर और दो छोटे-छोटे ट्यूमर मिले। डॉक्टरों ने पहले सुरक्षित प्रसव कराया। इसके बाद ट्यूमर निकाला।
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सर्जरी टीम में ये रहे शामिल
प्रतीकात्मक तस्वीर
इस टीम ने की सर्जरी : डॉ. सुषमा सिंह, डॉ. नीलम अहिरवार, डॉ. सरिता सक्सेना, डॉ. अनीता नेगी, डॉ. मंजू और अन्य स्टाफ सर्जरी टीम में शामिल रहे।
एक साथ दो सर्जरी से खून बहने का था खतरा
डॉ. सुषमा सिंह ने सिजेरियन ऑपरेशन दौरान दो ऑपरेशन एक साथ नहीं किए जाते हैं। इससे खून अधिक बहने से मरीज की जान भी सांसत में पड़ सकती है। बड़ी सावधानी से सिजेरियन प्रसव के बाद ट्यूमर को हटा दिए गए।
सीटी स्कैन हुई होती तो पकड़ में आ जाता ट्यूमर
डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि मरीज की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बच्चेदानी में ट्यूमर का पता नहीं लगा था। इसके लिए मरीज को सीटी स्कैन जांच करानी चाहिए थी। सीटी स्कैन जांच से ट्यूमर आसानी से पता चल जाता है।
एक साथ दो सर्जरी से खून बहने का था खतरा
डॉ. सुषमा सिंह ने सिजेरियन ऑपरेशन दौरान दो ऑपरेशन एक साथ नहीं किए जाते हैं। इससे खून अधिक बहने से मरीज की जान भी सांसत में पड़ सकती है। बड़ी सावधानी से सिजेरियन प्रसव के बाद ट्यूमर को हटा दिए गए।
सीटी स्कैन हुई होती तो पकड़ में आ जाता ट्यूमर
डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि मरीज की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बच्चेदानी में ट्यूमर का पता नहीं लगा था। इसके लिए मरीज को सीटी स्कैन जांच करानी चाहिए थी। सीटी स्कैन जांच से ट्यूमर आसानी से पता चल जाता है।