कहीं आप भी तो बार-बार होने वाले सिरदर्द को नजरअंदाज नहीं करते और उससे राहत को कोई न कोई पेनकिलर खा लेते हैं। यदि ऐसा आप लगातार करते आ रहे हैं तो यह आदत तुरंत छोड़ें और डॉक्टर से मिलें। चिकित्सकों का कहना है कि दर्द की दवा का ज्यादा सेवन भी सिरदर्द का बड़ा कारण बनता जा रहा है। डॉक्टरों की भाषा में इसे ‘मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक’ कहते हैं।
बार-बार होने वाले सिरदर्द को न करें नजरअंदाज, तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क
अब यह एक सामान्य समस्या है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही और जागरूकता के अभाव में लोग 4-5 साल से दिक्कतें झेल रहे हैं। केजीएमयू और एसजीपीजीआई के न्यूरोलॉजी विभाग में इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसमें महिलाओं का प्रतिशत ज्यादा है। ओपीडी में आने वाले ऐसे मरीजों में 70 फीसदी तक महिलाएं होती हैं। इनमें 40 प्रतिशत तक शहरी होती हैं।
बढ़ रहीं ये समस्याएं
गैस्ट्रिक अल्सर, खून की कमी, दर्द की दवा का बेअसर हो जाना।
बढ़ रहे मामले लोग जागरूक नहीं
बचपन से हम सुनते आ रहे हैं कि दर्द निवारक दवाओं का जरूरत से ज्यादा सेवन कर लिया जाए तो दुष्प्रभाव निश्चित है। इसके बावजूद मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों में जागरूकता का अभाव है। - प्रो. विमल पालीवाल न्यूरोलॉजी, एसजीपीजीआई
बताई गई दवा से दर्द ठीक नहीं हो रहा है तो उसी डॉक्टर को बताएं। अपने मन से या बार-बार वही दवा न लें। हालात बेहद खराब होने पर मरीज को ठीक होने में दोगुना समय लगता है। साथ ही दवाओं के साइड इफेक्ट व कई अन्य तरह की दिक्कतें पैदा होती है। - डॉ. रवि उनियाल, असिस्टेंट प्रोफेसर न्यूरोलॉजी, केजीएमयू