फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Distribution of blankets in ac coaches temporary suspended.

कोरोना वायरसः फिलहाल मांगने पर ही मिलेंगे कंबल, 25 से पूरी तरह से बंद

Mon, 16 Mar 2020 03:45 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 16 Mar 2020 03:45 PM IST
विज्ञापन
Distribution of blankets in ac coaches temporary suspended.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

ट्रेन के एसी कोच में सफर करना है तो बेहतर होगा कि घर से ही कंबल साथ लेकर निकलें। रेलवे ने कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए एसी कोच से पर्दे व कंबल हटा दिए हैं।  पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज सिंह ने बताया कि फिलहाल 16 से 24 मार्च तक मांग के आधार पर कंबल उपलब्ध कराए जाएंगे। 25 मार्च से सभी कंबल हटा दिए जाएंगे। इसके साथ ही कोच में तापमान भी 19 डिग्री से बढ़ाकर 25 तक किया जाएगा।

विज्ञापन


अमर उजाला ने ‘रेलवे कंबलों से कोरोना का खतरा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस पर रेलवे ने पहले कंबलों को रोजाना सैनेटाइज करने की योजना बनाई थी। लेकिन रेलमंत्री पीयूष गोयल के खबर को संज्ञान लेने के बाद कोच से पर्दे व कंबल अस्थायी रूप से हटाने पर फैसला हुआ।
विज्ञापन


इस आदेश के बाद उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अधिकारियों ने ट्रेनों से पर्दे व कंबल हटा दिए हैं। इससे यात्रियों को असुविधाएं न हों, इसलिए मांगने पर उन्हें अतिरिक्त बेडशीट दी जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुविधाएं घटा रहे तो किराया भी घटाएं

Distribution of blankets in ac coaches temporary suspended.
बांद्रा ट्रेन में एसी कोच में रखे कंबल व लगे पर्दे - फोटो : अमर उजाला
ट्रेनों के एसी कोच से कंबल व पर्दे हटाकर तापमान बढ़ाने के रेलवे के फैसले पर यात्रियों ने मांग उठाई है कि जब सुविधाएं घटाई जा रही हैं तो किराया भी घटाया जाए। यात्रियों का तर्क है कि कंबल हटाने से रेलवे को फायदा होगा, जबकि यात्री एसी का किराया देकर भी स्लीपर कोच जैसी यात्रा करेंगे।

कंबल हटाने से बेहतर है कि अतिरिक्त कंबलों की खरीद की जाए। लखनऊ मेल से दिल्ली से लखनऊ पहुंचे यात्री महेंद्र कांडपाल ने बताया कि रेलवे न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी...की तर्ज पर काम कर रहा है। यदि कंबलों की कमी है तो नए कंबल खरीदे जाएं।

वहीं डिवीजनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी (डीआरयूसीसी) के सदस्य एसएस उप्पल ने कहा किकंबल हटाने से यात्री एसी के टिकट लेकर स्लीपर जैसा सफर करेंगे। सुविधाएं कम हो रही हैं तो किराया भी कम होना चाहिए।

कंबल न देने पर रेलवे का बचेगा खर्च
उत्तर रेलवे मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि कंबलों की मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई होती है। एक कंबल पर 55 रुपये का खर्च आता है। यात्रियों को कंबल न देने पर अच्छा खासा पैसा बचेगा।

अपना कंबल लेकर कर रहे सफर

Distribution of blankets in ac coaches temporary suspended.
कोरोना को लेकर ऐसी कोच से कंबल हटाने से पहले ही कई यात्री सुरक्षा को देखते हुए खुद का कंबल लेकर सफर कर रहे हैं। शनिवार रात नई दिल्ली से लखनऊ मेल की सेकेंड एसी बोगी से चारबाग पहुंची महिला यात्री आशा ने बताया कि वह खुद कंबल लेकर आई थी।

वहीं यात्री महेंद्र ने बताया कि कंबल नहीं लेने से ठंड ही लगेगी। सर्दी हो गई तो वह ठीक हो जाएगी, लेकिन कोरोना हुआ तो मुश्किल होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed