तबादलों को लेकर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में फिर ठनी, सात बीएसए को कार्यमुक्त करने पर रोक
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों के तबादलों को लेकर माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग में एक बार फिर ठन गई है। सोमवार शाम जारी 38 अधिकारियों की तबादला सूची में बेसिक शिक्षा विभाग की पूर्व अनुमति के बिना सात बेसिक शिक्षा अधिकारियों का तबादला करने और छांट-छांट कर अधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग में भेजने पर विवाद खड़ा हो गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने इन सात बीएसए को कार्यमुक्त करने पर रोक लगा दी है। टीईटी और स्वेटर वितरण कार्य पूरा होने के बाद इनकी कार्यमुक्ति पर विचार किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सोमवार शाम 38 अधिकारियों की तबादला सूची जारी की थी।
इसमें लखनऊ, कानपुर, नोएडा, बरेली, बहराइच, जौनपुर और ललितपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारियों का माध्यमिक शिक्षा विभाग में जिला विद्यालय निरीक्षक और सहायक निदेशक पद पर तबादला किया गया था।
22 अधिकारी माध्यमिक से बेसिक शिक्षा में भेजने पर आपत्ति
सूत्रों के मुताबिक बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्वेटर वितरण और टीईटी का हवाला देते हुए बीएसए के तबादले तथा छांट-छांट कर 22 अधिकारी माध्यमिक से बेसिक शिक्षा में भेजने पर आपत्ति जताई।
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि द्विवेदी ने मुख्यमंत्री से दोनों विभागों के अधिकारियों का संवर्ग अलग-अलग करने का आग्रह किया है ताकि बार-बार ऐसी समस्या नहीं हो।
बीएसए को कार्यमुक्त करने से प्रभावित होंगे कार्य
विभाग में अभी स्वेटर वितरण सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य होने हैं। बीएसए को कार्यमुक्त करने से महत्वाकांक्षी जिलों में कार्य प्रभावित होंगे। हम अपने अच्छे अफसरों को कार्यमुक्त नहीं करेंगे। उन्हें कार्यमुक्त करने पर रोक लगाई है। विभाग में भेजे गए नए अधिकारियों को अभी नहीं लिया जाएगा। -रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा