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इलेक्ट्रिसिटी बिल पर केंद्रीय मंत्री की राज्यों के साथ बैठक आज, एआईपीएफ बोला- गुपचुप न लाएं बिल
Wed, 17 Feb 2021 10:38 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 17 Feb 2021 10:38 AM IST
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इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 को संसद के मौजूदा सत्र में पारित कराने के लिहाज से केंद्रीय विद्युत मंत्री बुधवार को सभी राज्यों के ऊर्जा सचिवों और विद्युत वितरण कंपनियों के सीएमडी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक करेंगे। इस बीच ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजकर मांग की है कि वे निजीकरण के लिए लाए जा रहे इस बिल का विरोध करें।
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फेडरेशन ने कहा है कि सभी स्टेक होल्डरों को विश्वास में लिए बिना बिल को संसद में न रखा जाए और दूरगामी परिणाम देने वाले इस बिल को रोकने के लिए सभी सरकारें 17 फरवरी की बैठक में दिखाई जाने वाली जल्दबाजी के चलते इसका विरोध करें। फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस बाबत एक पत्र भेजा है।
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पत्र की प्रतिलिपि सभी राज्यों के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव ऊर्जा और ऊर्जा निगमों के सीएमडी को भेजी गई है। एआईपीईएफ ने अपने पत्र में इस बात पर विरोध दर्ज किया है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही इस बिल पर स्टेक होल्डर खासकर बिजली उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों व इंजीनियरों की राय मांगी गई है।
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ऐसे में गुपचुप तरीके से केवल राज्यों के प्रमुख सचिव ऊर्जा और बिजली कंपनियों के सीएमडी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इस बिल के मसौदे को अंतिम रूप देने की कवायद की जा रही है जो आपत्तिजनक है। दुबे ने कहा कि सभी राज्यों के प्रमुख सचिव व सीएमडी आईएएस अधिकारी हैं। ऐसे में बहुत महत्व वाले इस बिल के तकनीकी पहलुओं पर कोई विचार-विमर्श नहीं हो पाएगा और उपभोक्ताओं व कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर इनकी राय भी नहीं मिल पाएगी।