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Lucknow News: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक ने पेश किया वेंटिलेटर्स का ब्योरा
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हाईकोर्ट।
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की उपलब्धता से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक ने राजधानी के सरकारी मेडिकल संस्थानों और अस्पतालों में मौजूद वेंटिलेटरों का ब्योरा हलफनामे के जरिये कोर्ट में पेश किया।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता संस्था वी द पीपल को जवाबी हलफनामे पर प्रतिउत्तर दाखिल करने का समय देते हुए अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे सप्ताह में तय की है।
याचिकाकर्ता संस्था के महासचिव प्रिंस लेनिन ने राजधानी समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर सुविधा की कमी का मुद्दा उठाया था। पिछली सुनवाई में, कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि किस संस्थान में कितने वेंटिलेटर उपलब्ध हैं और कितने की आवश्यकता है, इसका पूरा ब्योरा दें, ताकि पर्याप्तता सुनिश्चित की जा सके।
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कोर्ट ने लखनऊ पीठ के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 16 जिलों में वेंटिलेटर की उपलब्धता और आवश्यकता का पता लगाने के भी निर्देश दिए थे। पिछली सुनवाई में केजीएमयूए, एसजीपीआई और लोहिया संस्थानों के निदेशकों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश होने के निर्देश दिए गए थे। जो सुनवाई के दौरान मौजूद रहे।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता संस्था वी द पीपल को जवाबी हलफनामे पर प्रतिउत्तर दाखिल करने का समय देते हुए अगली सुनवाई जनवरी के तीसरे सप्ताह में तय की है।
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याचिकाकर्ता संस्था के महासचिव प्रिंस लेनिन ने राजधानी समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर सुविधा की कमी का मुद्दा उठाया था। पिछली सुनवाई में, कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि किस संस्थान में कितने वेंटिलेटर उपलब्ध हैं और कितने की आवश्यकता है, इसका पूरा ब्योरा दें, ताकि पर्याप्तता सुनिश्चित की जा सके।
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कोर्ट ने लखनऊ पीठ के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 16 जिलों में वेंटिलेटर की उपलब्धता और आवश्यकता का पता लगाने के भी निर्देश दिए थे। पिछली सुनवाई में केजीएमयूए, एसजीपीआई और लोहिया संस्थानों के निदेशकों को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश होने के निर्देश दिए गए थे। जो सुनवाई के दौरान मौजूद रहे।