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ड्रेस बदलने को लेकर डीआईओ्रएस ने ्रडीपीएस से मांगा जवाब
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यूनिफॉर्म बदलने को लेकर डीआईओएस ने डीपीएस से मांगा जवाब
लखनऊ। इंदिरानगर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल द्वारा यूनिफॉर्म बदले जाने को लेकर डीआईओएसने स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा है। डीआईओएस ने इसे शुल्क विनियमन के प्राविधानों के खिलाफ बताया। स्कूल ने कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों की यूनिफॉर्म बीच सत्र में बदल दी। वहीं छात्राओं की यूनिफॉर्म के स्वरूप को लेकर भी विवाद भी खड़ा हो गया है।
डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) 2018 के प्रावधानों के अनुसार कोई भी स्कूल बीच सत्र में ड्रेस नहीं बदल सकता और बिना सूचना के पांच साल से पहले भी ड्रेस बदली नहीं जा सकती। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को स्कूल को नोटिस भेजेंगे। बुधवार को सोशल मीडिया पर छात्राओं की ड्रेस को लेकर उपजा विवाद वायरल हो गया। स्कूल ने स्कर्ट के स्थान पर सलवार सूट और दुपट्टे की जगह कोटी लागू की है। एक अभिभावक ने मुख्यमंत्री को ट्विट कर इसे स्कूल का तुगलकी फरमान बताया। वहीं स्कूल के प्रवक्ता शिव पंडित ने बताया कि ड्रेस बदलने की सूचना पिछले साल ही अभिभावकों को दी गई थी। इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है।
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लखनऊ। इंदिरानगर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल द्वारा यूनिफॉर्म बदले जाने को लेकर डीआईओएसने स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा है। डीआईओएस ने इसे शुल्क विनियमन के प्राविधानों के खिलाफ बताया। स्कूल ने कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों की यूनिफॉर्म बीच सत्र में बदल दी। वहीं छात्राओं की यूनिफॉर्म के स्वरूप को लेकर भी विवाद भी खड़ा हो गया है।
डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) 2018 के प्रावधानों के अनुसार कोई भी स्कूल बीच सत्र में ड्रेस नहीं बदल सकता और बिना सूचना के पांच साल से पहले भी ड्रेस बदली नहीं जा सकती। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को स्कूल को नोटिस भेजेंगे। बुधवार को सोशल मीडिया पर छात्राओं की ड्रेस को लेकर उपजा विवाद वायरल हो गया। स्कूल ने स्कर्ट के स्थान पर सलवार सूट और दुपट्टे की जगह कोटी लागू की है। एक अभिभावक ने मुख्यमंत्री को ट्विट कर इसे स्कूल का तुगलकी फरमान बताया। वहीं स्कूल के प्रवक्ता शिव पंडित ने बताया कि ड्रेस बदलने की सूचना पिछले साल ही अभिभावकों को दी गई थी। इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है।
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