सरयू में क्रूज चलाइए, पर्यटकों को रामलीला दिखाइए: डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा
भारत आए और ताज नहीं देखा तो क्या देखा? अब जरूरत इस पहचान को बदलने की है। ताज से अलग हमें यूपी के दूसरे संसाधनों और पर्यटन महत्व के स्थलों को भी भुनाना होगा। इसमें वाइल्ड लाइफ, ईको-टूरिज्म, धार्मिक और संस्कृति पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
समिट में ‘पर्यटन की संभावनाएं और निवेश के मौके’ सत्र में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने यूपी में इन क्षेत्रों की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मॉरीशस में हमारी गंगा नदी से पानी लेकर वहां धार्मिक पर्यटन पैदा कर दिया गया।
राजस्थान के टूर पैकेज में हमारा ताजमहल शामिल है। इसके नाम पर वे अपना पुष्कर, अजमेर और जयपुर घुमाते हैं। यूपी में भी ऐसे ही पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है? लंदन आई की तरह अयोध्या आई क्यों नहीं बनाई जा सकती। वहां सरयू में क्रूज चलाइए और पर्यटकों को रामलीला दिखाइए।
डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि यूपी में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। धर्म, संस्कृति, ईको सिस्टम सभी क्षेत्र में निवेश के लिए काफी संभावनाएं यूपी में हैं। जर्मनी की राइन नदी पर जो पर्यटन है।
उससे 100 गुना ज्यादा वाराणसी से हल्दिया का जलमार्ग 2019 में शुरू होने पर हमारी गंगा नदी के किनारे होगा। यह यूपी की असीम संभावनाओं का एक उदाहरण है। पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने निवेशकों से अपील की कि वे यूपी में काम करें।
ताज के पास वाइल्डलाइफ पर्यटन की संभावनाएं
जंगली जानवरों के संरक्षण के लिए काम करने वाली वाइल्डलाइफ एसओएस एनजीओ के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनरायन ने कहा कि पर्यटक आगरा ताज देखने आते हैं। इन पर्यटकों को ताज से सिर्फ 30 किमी की दूरी पर 200 से अधिक जंगली भालुओं के संरक्षण केंद्र को भी दिखाया जा सकता है।
इसी तरह करीब 80 किमी दूर मथुरा में हाथियों के लिए संरक्षण केंद्र है। यहां रेस्क्यू कर लाए गए हाथियों को रखा जाता है। दो दिन पहले खुद कनाडा के प्रधानमंत्री और उनके परिवार ने यहां आकर हाथियों को देखा। यह दोनों ऐसी धरोहर हैं जिनके लिए लोग लाखों रुपए विदेशों में जाकर खर्च करके आते हैं। इन संभावनाओं को पर्यटन से जोड़ा जाना चाहिए।