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Lucknow News: लोकबंधु की व्यवस्थाओं पर डीजी हेल्थ ने जताई नाराजगी
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लोकबंधु अस्पताल।
लखनऊ। लोकबंधु अस्पताल की इमरजेंसी में टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करने के मामले में हुई फजीहत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसराें की नींद टूटी है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इमरजेंसी की बिजली आपूर्ति, जनरेटर और इनवर्टर बैकअप की व्यवस्था परखी।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य महानिदेशक ने अस्पताल प्रशासन से पूछा कि जब बिजली चली गई थी तो जनरेटर और इनवर्टर ने काम क्यों नहीं किया? इसका संतोषजनक जवाब अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने बिजली आपूर्ति से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को सात दिन में सभी कमियां दूर कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इमरजेंसी जैसे संवेदनशील विभाग में किसी भी स्थिति में बिजली बैकअप फेल नहीं होना चाहिए। मरीजों की जान से जुड़ी ऐसी लापरवाही दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपर निदेशक विद्युत को बिजली व्यवस्था देखने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य महानिदेशक ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई।
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कार्यवाहक निदेशक डॉ. राजेश कुमार और कार्यवाहक सीएमएस डॉ. पीसी तिवारी से व्यवस्थाएं ठीक न होने पर रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही। कहा कि वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से अस्पताल का निरीक्षण नहीं कर रहे। यदि समय-समय पर राउंड लिया जाता और व्यवस्थाओं की निगरानी होती तो ऐसी स्थिति सामने नहीं आती। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिदिन सबसे पहले अस्पताल का जायजा लें।
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निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य महानिदेशक ने अस्पताल प्रशासन से पूछा कि जब बिजली चली गई थी तो जनरेटर और इनवर्टर ने काम क्यों नहीं किया? इसका संतोषजनक जवाब अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने बिजली आपूर्ति से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को सात दिन में सभी कमियां दूर कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि इमरजेंसी जैसे संवेदनशील विभाग में किसी भी स्थिति में बिजली बैकअप फेल नहीं होना चाहिए। मरीजों की जान से जुड़ी ऐसी लापरवाही दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपर निदेशक विद्युत को बिजली व्यवस्था देखने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य महानिदेशक ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई।
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कार्यवाहक निदेशक डॉ. राजेश कुमार और कार्यवाहक सीएमएस डॉ. पीसी तिवारी से व्यवस्थाएं ठीक न होने पर रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही। कहा कि वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से अस्पताल का निरीक्षण नहीं कर रहे। यदि समय-समय पर राउंड लिया जाता और व्यवस्थाओं की निगरानी होती तो ऐसी स्थिति सामने नहीं आती। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रतिदिन सबसे पहले अस्पताल का जायजा लें।