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Lucknow News: 'नई गन्ना प्रजातियों का विकास समय की मांग'

Tue, 17 Feb 2026 02:34 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Feb 2026 02:34 AM IST
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Development of new sugarcane varieties is the need of the hour
भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के 75वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
लखनऊ। मेरठ स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव प्रो. केके सिंह ने कहा कि नई, उच्च उत्पादक और अधिक शर्करायुक्त गन्ना प्रजातियों का निरंतर विकास समय की मांग है। गन्ने को चीनी व गुड़ तक ही सीमित न रखकर उससे अन्य उपयोगी उत्पादों का विस्तार किया जाए, ताकि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि हो। सिंह तेलीबाग स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के 75वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि गन्ना करोड़ों किसानों की आजीविका की आधारशिला है। उन्होंने गुण निर्माण इकाइयों से कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, उत्पादन लागत घटाने तथा मशीनीकरण को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।
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संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि नई किस्में पंजीकृत की गईं हैं। बड़ी मात्रा में बीज गन्ना तथा एकल कलिकाएं किसानों को उपलब्ध कराई गईं।

राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक डॉ. काजल चक्रवर्ती, केंद्रीय उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी संस्थान के निदेशक डॉ. टी दामोदरन ने जल संरक्षण, उन्नत तकनीकों और जैव आधारित उत्पादों के विकास पर बल दिया। संस्थान के गन्ना वैज्ञानिक डॉ. श्रीनिवास, टेक्निकल स्टाफ से पल्लवी, डॉ. मुकेश कुमार, कीर्ति सिंह, मनोज कुमार पाठक को सम्मानित किया गया। शाहजहांपुर के प्रगतिशील किसान सरताज और लखीमपुर खीरी के दिलजिंदर सिंह सहेता को भी सम्मानित किया गया।
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इन किसानों को मिला सम्मान



गन्ने के साथ चुकंदर की खेती

हम गन्ने की कतारों के बीज खाली जगह में मीठा चुकंदर लगाते हैं। एक चुकंदर का वजन सात से नौ किलो तक होता है। इससे अतिरिक्त उत्पादन मिलता है और आमदनी दोगुनी हो जाती है।


- सरताज, प्रगतिशील किसान, शाहजहांपुर



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कम बीज में गन्ने की बुवाई

(फोटो)

परंपरागत तरीके से एक एकड़ खेत की बुवाई के लिए करीब 25 क्विंटल गन्ने का बीज लगता है। वर्टिकल सिंगल बड विधि से की बुवाई में सिर्फ चार क्विंटल बीज लगता है। अन्य लागत भी कम आती है।

- दिलजिंदर सिंह सहोता, प्रगतिशील किसान लखीमपुर
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