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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Deputy CM Keshav Prasad Maurya in Ayodhya will camp till 30 December.

Ayodhya: अयोध्या पहुंचे डिप्टी सीएम केशव, बोले - रामलला 500 साल बाद अपने जन्मस्थान पर होंगे, ये गर्व की बात

Mon, 25 Dec 2023 02:46 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Mon, 25 Dec 2023 02:46 PM IST
सार

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि रामलला की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हम सब अपनी आंखों से देख पाएंगे। यह हमारे लिए गर्व की बात है।

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Deputy CM Keshav Prasad Maurya in Ayodhya will camp till 30 December.
अयोध्या पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अयोध्या पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 22 जनवरी को भगवान रामलला का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मेरे जैसे कार्यकर्ता, राम भक्त व कारसेवक के लिए गर्व की बात है। हम लोग अपने जीवनकाल में भगवान श्री रामलला का भव्य मंदिर बनते हुए देख रहे हैं। 22 जनवरी को भगवान रामलला 500 साल बाद अपने जन्म स्थान पर विराजमान होंगे।
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एक राम भक्त के रूप में एक राष्ट्रभक्त के रूप में देश और दुनिया के रामभक्तों की ओर से मुख्य यजमान के रूप में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंच रहे हैं। उस क्षण का वर्णन करना नामुमकिन है, जिसके लिए मेरे कितने पूर्वज बलिदानी हो गए। कितने रामभक्त कार सेवकों को गोलियों से भून दिया गया। कितने लोगों को जेल भेजा गया, कितने लोगों पर लाठियां बरसाई गईं।
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किसी ने सोचा भी नहीं होगा राम लला की जन्म भूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण सब अपनी आंखों से देख पाएंगे। भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी की अगुवाई में 23 सितंबर 1990 को सोमनाथ से अयोध्या के लिए जो यात्रा निकली थी उसके सूत्रधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे।

सोमनाथ से चली इस यात्रा को समस्तीपुर के बिहार में रोका गया था। 30 अक्टूबर 1990 को कार सेवा हुई थी और ढांचे के ऊपर भगवा लहराया गया था और उसमें कारसेवकों को बलिदान भी देना पड़ा था, अशोक सिंघल भी कारसेवा में घायल हुए थे, मेरे पास शब्द नहीं है मैं अंदर से रोमांचित हूं , वह शुभ दिन देखने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

सोमनाथ से चली इस यात्रा को समस्तीपुर के बिहार में रोका गया था। 30 अक्टूबर 1990 को कार सेवा हुई थी और ढांचे के ऊपर भगवा लहराया गया था और उसमें कारसेवकों को बलिदान भी देना पड़ा था, अशोक सिंघल भी कारसेवा में घायल हुए थे, मेरे पास शब्द नहीं है मैं अंदर से रोमांचित हूं , वह शुभ दिन देखने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
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