बटाईदार व किसानों के आश्रित भी पाएंगे कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ : योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक बीमा योजना के विस्तार से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इस योजना का लाभ खाताधारक किसान के साथ बटाईदार किसान और आंधी-तूफान, भूस्खलन में मरने या दिव्यांग होने वाले किसान के बालिग (18 से 70 वर्ष) आश्रित भी पाएंगे।
‘अमर उजाला’ ने सरकार की इस योजना का खुलासा छह दिसंबर के अंक में प्रमुखता से किया था।
पहली बार ऐसा होगा कि इससे बटाईदार व किसानों के बालिग आश्रित शामिल होंगे। इससे इस योजना का दायरा पहले से काफी बढ़ जाएगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राजस्व विभाग की इस योजना का प्रस्तुतीकरण देखा और जरूरी निर्देश दिये। दुर्घटना के दायरे का भी विस्तार होगा। इसमें सड़क व अन्य तरह की दुर्घटना के अलावा आंधी-तूफान, भूस्खलन में होने वाली मौत भी योजना के दायरे में आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ हर किसान परिवार को मिलना चाहिए। अगर कोई किसी अन्य योजना से लाभ पा रहा है तो उस योजना से मिलने वाली उतनी राशि की कटौती कर लाभ दे दिया जाए। तय समय में पीड़ित परिवार को योजना का लाभ मिले, इसके लिए प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा।
योगी ने राजस्व विभाग को इस योजना के लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था करने और इसके लिए तीन माह में ऑनलाइन पोर्टल तैयार कराने का निर्देश दिया है। हालांकि किसानों के हित में मैनुअल आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार व प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल उपस्थित रहे।
45 दिन में दावा, एक माह में भुगतान
हादसे के 45 दिनों के भीतर संबंधित परिवार को योजना के लाभ का दावा करना होगा। दावे के एक माह के भीतर ऑनलाइन भुगतान संबंधित किसान के खाते में कर दिया जाएगा। विशेष स्थितियों में संबंधित जिले के डीएम एक माह का अतिरिक्त समय दे सकेंगे। योजना के तहत बीमे की अधिकतम रकम पांच लाख रुपये होगी।