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डेंगू का डंक तेज, प्लेटलेट्स की मांग दोगुनी बढ़ी
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शहर में डेंगू का डंक तेज होने के बाद प्लेटलेट्स की मांग दोगुना तक बढ़ गई है। इन दिनों सरकारी-निजी अस्पतालों में 200 यूनिट रेंडम डोनर प्लेटलेट्स (आरडीपी) से अधिक की खपत है। डॉक्टरों का कहना है कि एक मरीज को करीब तीन से चार यूनिट आरडीपी चढ़ानी पड़ रही है। इससे भी प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी हुई है। वहीं, परेशान तीमारदार निजी-सरकारी ब्लड बैंकों की दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अभी तक डेंगू के 500 मामले ही सामने आए हैं। पर हकीकत यह है कि निजी क्लीनिकों-अस्पतालों में इससे कई ज्यादा मरीज इलाज करवा रहे हैं। इसके अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं। डेंगू के मरीजों के प्लेटलेट्स भी तेजी से घट जाते हैं। लिहाजा प्लेटलेट्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
केजीएमयू के ब्लड बैंक से रोज 60-70 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग है। जो बीते दिनों की अपेक्षा दोगुना से अधिक बढ़ी है। लोहिया संस्थान के ब्लड बैंक से अब हर रोज करीब 40 यूनिट की मांग है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि प्लेटलेट्स की मांग अब पहले से अधिक हुई है। बताया कि करीब डेढ़ हफ्ते पहले तक प्लेटलेट्स की मांग बेहद कम थी।
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सिंगल डोनर प्लेटलेट्स की भी बढ़ी मांग
लोहिया संस्थान के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा के मुताबिक, ब्लड बैंक में पहले सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) की मांग हफ्तेभर में एक यूनिट की आती थी, पर इन दिनों रोज एक या दो यूनिट एसडीपी की मांग आ रही है। वहीं, केजीएमयू ब्लड बैंक में एसडीपी की मांग पहले रोज एक यूनिट की थी, पर अब रोज करीब तीन से चार यूनिट है। केजीएमयू ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि पहले की अपेक्षा प्लेटलेट्स व सिंगल डोनर प्लेटलेट्स दोनों की मांग पचास फीसदी से अधिक बढ़ गई है। अभी किसी ग्रुप के ब्लड व प्लेटलेट्स का संकट नहीं है।
सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक में मांग दोगुनी
सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक से भी प्लेटलेट्स की मांग दोगुनी हो चुकी है। करीब दो हफ्ते पहले तक अस्पतालों में प्लेटलेट्स की मांग कम थी। बलरामपुर अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अब अस्पताल में करीब 15 यूनिट ब्लड की मांग रोज की है, जबकि पहले चार से पांच यूनिट की थी। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके नंदा ने बताया कि अब अस्पताल में रोज दस यूनिट की मांग है।
निजी ब्लड बैंक से हर रोज करीब 50 यूनिट की मांग
शहर के निजी ब्लड बैंक से भी प्लेटलेट्स व एसडीपी की मांग तेजी से बढ़ी हुई है। करीब 50 यूनिट से अधिक निजी ब्लड बैंकों से अस्पतालों में प्लेटलेट्स जा रही है। कई ब्लड बैंक संबंधित ब्लड ग्रुप के प्लेटलेट्स न होने पर उन्हें दूसरे निजी ब्लड बैंक की दौड़ लगानी पड़ रही है। निजी ब्लड के प्रभारी डॉ. अनूप अग्रवाल के मुताबिक, प्लेटलेट्स की मांग अधिक हुई है।
डेंगू के 34 नए मरीज मिले, 12 भर्ती
राजधानी में सोमवार को अलग-अलग अस्पतालों में डेंगू के 34 नए मरीज सामने आए हैं। ये सभी मरीज कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आए हैं। इसमें 12 नए मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल प्रभारियों का कहना है कि पॉजिटिव आए रोगियों का नमूना जांच के लिए संचारी लैब भेजा गया है।
बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में 30 से अधिक लोग तेज बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे। डॉक्टर की सलाह पर कार्ड टेस्ट में दस डेंगू की चपेट में मिले। जबकि सात अन्य मरीजों को भर्ती किया गया। वहीं, लोकबंधु अस्पताल में तीन नए मरीज भर्ती हुए हैं, जबकि सात मरीज कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आए। पॉजिटिव मरीजों का नमूना लेकर एलाइजा जांच कराई जा रही है। सिविल अस्पताल में दो नए मरीज भर्ती हुए हैं, जबकि ओपीडी में कार्ड टेस्ट में पांच पॉजिटिव आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में आठ पॉजिटिव मिले
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में सोमवार को आठ पॉजिटिव रोगी सामने आए हैं। जो निजी-सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया अधिकारी की टीम ने अंबरगंज, राजाजीपुरम, मालवीयनगर, खरिका द्वितीय, त्रिवेणीनगर तृतीय, फैजुल्लागंज द्वितीय, वसीरतगंज, इस्माइलगंज वार्ड के आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। कुल 2110 घरों तथा विभिन्न मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया। लापरवाही में 35 घरों को नोटिस जारी किया गया। सीएमओ डॉ. मनोज का कहना है कि अलीगंज, इंदिरानगर, एनके रोड, सिल्वर जुबली, टूड़ियागंज समेत अन्य क्षेत्र में आठ डेंगू रोगी पाए गए।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अभी तक डेंगू के 500 मामले ही सामने आए हैं। पर हकीकत यह है कि निजी क्लीनिकों-अस्पतालों में इससे कई ज्यादा मरीज इलाज करवा रहे हैं। इसके अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज आ रहे हैं। डेंगू के मरीजों के प्लेटलेट्स भी तेजी से घट जाते हैं। लिहाजा प्लेटलेट्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
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केजीएमयू के ब्लड बैंक से रोज 60-70 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग है। जो बीते दिनों की अपेक्षा दोगुना से अधिक बढ़ी है। लोहिया संस्थान के ब्लड बैंक से अब हर रोज करीब 40 यूनिट की मांग है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि प्लेटलेट्स की मांग अब पहले से अधिक हुई है। बताया कि करीब डेढ़ हफ्ते पहले तक प्लेटलेट्स की मांग बेहद कम थी।
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सिंगल डोनर प्लेटलेट्स की भी बढ़ी मांग
लोहिया संस्थान के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा के मुताबिक, ब्लड बैंक में पहले सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) की मांग हफ्तेभर में एक यूनिट की आती थी, पर इन दिनों रोज एक या दो यूनिट एसडीपी की मांग आ रही है। वहीं, केजीएमयू ब्लड बैंक में एसडीपी की मांग पहले रोज एक यूनिट की थी, पर अब रोज करीब तीन से चार यूनिट है। केजीएमयू ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि पहले की अपेक्षा प्लेटलेट्स व सिंगल डोनर प्लेटलेट्स दोनों की मांग पचास फीसदी से अधिक बढ़ गई है। अभी किसी ग्रुप के ब्लड व प्लेटलेट्स का संकट नहीं है।
सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक में मांग दोगुनी
सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक से भी प्लेटलेट्स की मांग दोगुनी हो चुकी है। करीब दो हफ्ते पहले तक अस्पतालों में प्लेटलेट्स की मांग कम थी। बलरामपुर अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अब अस्पताल में करीब 15 यूनिट ब्लड की मांग रोज की है, जबकि पहले चार से पांच यूनिट की थी। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके नंदा ने बताया कि अब अस्पताल में रोज दस यूनिट की मांग है।
निजी ब्लड बैंक से हर रोज करीब 50 यूनिट की मांग
शहर के निजी ब्लड बैंक से भी प्लेटलेट्स व एसडीपी की मांग तेजी से बढ़ी हुई है। करीब 50 यूनिट से अधिक निजी ब्लड बैंकों से अस्पतालों में प्लेटलेट्स जा रही है। कई ब्लड बैंक संबंधित ब्लड ग्रुप के प्लेटलेट्स न होने पर उन्हें दूसरे निजी ब्लड बैंक की दौड़ लगानी पड़ रही है। निजी ब्लड के प्रभारी डॉ. अनूप अग्रवाल के मुताबिक, प्लेटलेट्स की मांग अधिक हुई है।
डेंगू के 34 नए मरीज मिले, 12 भर्ती
राजधानी में सोमवार को अलग-अलग अस्पतालों में डेंगू के 34 नए मरीज सामने आए हैं। ये सभी मरीज कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आए हैं। इसमें 12 नए मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल प्रभारियों का कहना है कि पॉजिटिव आए रोगियों का नमूना जांच के लिए संचारी लैब भेजा गया है।
बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में 30 से अधिक लोग तेज बुखार की शिकायत लेकर पहुंचे। डॉक्टर की सलाह पर कार्ड टेस्ट में दस डेंगू की चपेट में मिले। जबकि सात अन्य मरीजों को भर्ती किया गया। वहीं, लोकबंधु अस्पताल में तीन नए मरीज भर्ती हुए हैं, जबकि सात मरीज कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आए। पॉजिटिव मरीजों का नमूना लेकर एलाइजा जांच कराई जा रही है। सिविल अस्पताल में दो नए मरीज भर्ती हुए हैं, जबकि ओपीडी में कार्ड टेस्ट में पांच पॉजिटिव आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में आठ पॉजिटिव मिले
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में सोमवार को आठ पॉजिटिव रोगी सामने आए हैं। जो निजी-सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया अधिकारी की टीम ने अंबरगंज, राजाजीपुरम, मालवीयनगर, खरिका द्वितीय, त्रिवेणीनगर तृतीय, फैजुल्लागंज द्वितीय, वसीरतगंज, इस्माइलगंज वार्ड के आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। कुल 2110 घरों तथा विभिन्न मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया। लापरवाही में 35 घरों को नोटिस जारी किया गया। सीएमओ डॉ. मनोज का कहना है कि अलीगंज, इंदिरानगर, एनके रोड, सिल्वर जुबली, टूड़ियागंज समेत अन्य क्षेत्र में आठ डेंगू रोगी पाए गए।