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Lucknow News: एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग, निकाला मार्च
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मार्च निकालते अधिवक्ता।
लखनऊ। अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने समेत छह मांगों को लेकर शनिवार को मानवतावादी अधिवक्ता महासभा ने मार्च निकाला। स्वास्थ्य भवन चौराहे से शुरू होकर मार्च परिवर्तन चौक तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस आयुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को छह सूत्री मांगपत्र भेजा गया।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से तैयार अधिवक्ता प्रोटेक्शन विधेयक-2021 को संसद से पारित कर देशभर में लागू किया जाए। न्यायालय में पक्ष रखते समय वैचारिक असहमति के आधार पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई न करने, न्यायालय अवमानना अधिनियम की धारा पांच में संशोधन, बार एसोसिएशन की संस्तुति के बिना अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी न करने, न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर पारदर्शी और प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली लागू करने, 65 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं को कम से कम 25 हजार रुपये मासिक पेंशन और जूनियर अधिवक्ताओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता देने की मांग भी रखी।
न्यायालय परिसरों में पर्याप्त चैंबर बनाकर उनका पारदर्शी तरीके से आवंटन करने, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्यों की संख्या बढ़ाने, काउंसिल के चुनाव की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया। मार्च में महासभा के अध्यक्ष रमाशंकर भीम, महामंत्री मनोज कुमार गुप्ता, कन्हैया लाल गौतम, राम कृपाल, बसंत लाल रावत आदि शामिल रहे।
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अधिवक्ताओं ने मांग की कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से तैयार अधिवक्ता प्रोटेक्शन विधेयक-2021 को संसद से पारित कर देशभर में लागू किया जाए। न्यायालय में पक्ष रखते समय वैचारिक असहमति के आधार पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई न करने, न्यायालय अवमानना अधिनियम की धारा पांच में संशोधन, बार एसोसिएशन की संस्तुति के बिना अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी न करने, न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर पारदर्शी और प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली लागू करने, 65 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं को कम से कम 25 हजार रुपये मासिक पेंशन और जूनियर अधिवक्ताओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता देने की मांग भी रखी।
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न्यायालय परिसरों में पर्याप्त चैंबर बनाकर उनका पारदर्शी तरीके से आवंटन करने, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्यों की संख्या बढ़ाने, काउंसिल के चुनाव की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया। मार्च में महासभा के अध्यक्ष रमाशंकर भीम, महामंत्री मनोज कुमार गुप्ता, कन्हैया लाल गौतम, राम कृपाल, बसंत लाल रावत आदि शामिल रहे।

मार्च निकालते अधिवक्ता।
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