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होम डिलीवरी देने वाला कर्मचारी ही लगाएगा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
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डिलीवरी ब्वॉय ही वाहन में लगाएगा हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट।
- फोटो : ??? ?????
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसएनपी) की होम डिलीवरी लेकर आने वाला कंपनी का कर्मचारी ही प्लेट को वाहन पर लगाएगा। इसके बाद मोबाइल से फोटो खींच कर सिस्टम पर अपलोड करेगा।
तभी एचएसएनपी लगाने की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। मालूम हो कि पुराने वाहन मालिकों में यह संशय है कि डिलीवरी के बाद सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए डीलर शोरूम जाना पड़ेगा।
रोजमर्टा कंपनी के सलाहकार एएन खन्ना ने बताया कि एचएसएनपी की होम डिलीवरी बुकिंग पर कंपनी का कर्मचारी वाहन मालिक के घर आने से पहले बात करेगा।
मालिक की सहमति के बाद ही कंपनी का कर्मचारी एचएसएनपी लेकर आएगा। किसी कारणवश मालिक वाहन उपलब्ध नहीं कराता है तो कर्मचारी एचएसएनपी लेकर लौट जाएगा।
वहीं, संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि एनसीआर क्षेत्र में आवागमन करने वाले प्राइवेट एवं कॉमर्शियल वाहनों के लिए 15 अप्रैल तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है।
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तीनों नंबर प्लेट का अलग-अलग कोड
लखनऊ मंडल के संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) आरपी द्विवेदी ने बताया कि वाहन के आगे-पीछे व विंड स्क्रीन पर लगने वाली तीनोें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का कोड अलग-अलग है। ऐेसे में क्षतिग्रस्त होने वाली नंबर प्लेट ऑनलाइन बुकिंग कर दोबारा लगवाई जा सकेगी। बुकिंग के दौरान स्पष्ट रूप से बताना होगा कि कौन सी नंबर प्लेट आगे-पीछे या विंड स्क्रीन की है। तीनों प्लेट में यदि एक क्षतिग्रस्त होगी तो तीनोें नंबर प्लेट नहीं लगवानी पड़ेंगी।
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तभी एचएसएनपी लगाने की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। मालूम हो कि पुराने वाहन मालिकों में यह संशय है कि डिलीवरी के बाद सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए डीलर शोरूम जाना पड़ेगा।
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रोजमर्टा कंपनी के सलाहकार एएन खन्ना ने बताया कि एचएसएनपी की होम डिलीवरी बुकिंग पर कंपनी का कर्मचारी वाहन मालिक के घर आने से पहले बात करेगा।
मालिक की सहमति के बाद ही कंपनी का कर्मचारी एचएसएनपी लेकर आएगा। किसी कारणवश मालिक वाहन उपलब्ध नहीं कराता है तो कर्मचारी एचएसएनपी लेकर लौट जाएगा।
वहीं, संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि एनसीआर क्षेत्र में आवागमन करने वाले प्राइवेट एवं कॉमर्शियल वाहनों के लिए 15 अप्रैल तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है।
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तीनों नंबर प्लेट का अलग-अलग कोड
लखनऊ मंडल के संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) आरपी द्विवेदी ने बताया कि वाहन के आगे-पीछे व विंड स्क्रीन पर लगने वाली तीनोें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का कोड अलग-अलग है। ऐेसे में क्षतिग्रस्त होने वाली नंबर प्लेट ऑनलाइन बुकिंग कर दोबारा लगवाई जा सकेगी। बुकिंग के दौरान स्पष्ट रूप से बताना होगा कि कौन सी नंबर प्लेट आगे-पीछे या विंड स्क्रीन की है। तीनों प्लेट में यदि एक क्षतिग्रस्त होगी तो तीनोें नंबर प्लेट नहीं लगवानी पड़ेंगी।