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Lucknow News: लखनऊ में महिला अपराध में आई गिरावट
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लखनऊ। वर्ष 2023 के मुकाबले वर्ष 2024 में लखनऊ में महिला अपराध में कमी आई है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2024 में लखनऊ में महिला अपराध के 2571 मामले दर्ज किए गए। वहीं, वर्ष 2023 में इसकी संख्या 2902 है। देश के मेट्रोपॉलिटन शहरों में महिला अपराध के मामले में लखनऊ सातवें स्थान पर है।
एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि देश में दिल्ली पहले स्थान पर है। वर्ष 2024 में दिल्ली में 13396 मामले दर्ज किए गए। दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर मुंबई, तीसरे पर बंगलूरू, चौथे पर हैदराबाद, पांचवें पर जयपुर और छठे स्थान पर पुणे है। अगर वर्ष 2022 के आंकड़े देखे जाएं तो वर्ष 2024 में महिला अपराध बढ़ा है। वर्ष 2022 में लखनऊ में 2231 मामले दर्ज किए गए थे। लखनऊ के बाद यूपी में कानपुर में वर्ष 2024 में 1950 और गाजियाबाद में 1265 मामले सामने आए हैं। वहीं, चार्जशीट की बात की जाए तो लखनऊ में 83.7 प्रतिशत केस में पुलिस ने चार्जशीट फाइल की है। वहीं, कानपुर में इसका दर 84.4 और गाजियाबाद में 65.8 प्रतिशत है।
दुष्कर्म के 161 मामले हुए दर्ज
एनसीआरबी के जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में लखनऊ में दुष्कर्म के 161, कानपुर में 111 और गाजियाबाद में 93 मामले दर्ज हुए। वहीं, दहेज हत्या की बात की जाए तो वर्ष 2024 में लखनऊ में 22, कानपुर में 54 और गाजियाबाद में 18 मामले पुलिस ने दर्ज किए। दहेज उत्पीड़न के मामले भी पूरे प्रदेश में लखनऊ सबसे अधिक 1446 दर्ज हैं। लखनऊ के बाद कानपुर में 986 और गाजियाबाद में 300 मामले दर्ज हुए।
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कानपुर में पुराने मामले सबसे अधिक लंबित
महिला अपराध के मामले में विवेचना की बात की जाए तो लखनऊ में पुराने 585, कानपुर में 966 और गाजियाबाद में 10 केस विवेचना के लिए लंबित हैं। इस तरह वर्ष 2024 के केस को मिलकर लखनऊ पुलिस को 3156, कानपुर पुलिस को 2916 और गाजियाबाद पुलिस को 1275 केस की विवेचना करनी है।
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एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि देश में दिल्ली पहले स्थान पर है। वर्ष 2024 में दिल्ली में 13396 मामले दर्ज किए गए। दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर मुंबई, तीसरे पर बंगलूरू, चौथे पर हैदराबाद, पांचवें पर जयपुर और छठे स्थान पर पुणे है। अगर वर्ष 2022 के आंकड़े देखे जाएं तो वर्ष 2024 में महिला अपराध बढ़ा है। वर्ष 2022 में लखनऊ में 2231 मामले दर्ज किए गए थे। लखनऊ के बाद यूपी में कानपुर में वर्ष 2024 में 1950 और गाजियाबाद में 1265 मामले सामने आए हैं। वहीं, चार्जशीट की बात की जाए तो लखनऊ में 83.7 प्रतिशत केस में पुलिस ने चार्जशीट फाइल की है। वहीं, कानपुर में इसका दर 84.4 और गाजियाबाद में 65.8 प्रतिशत है।
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दुष्कर्म के 161 मामले हुए दर्ज
एनसीआरबी के जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में लखनऊ में दुष्कर्म के 161, कानपुर में 111 और गाजियाबाद में 93 मामले दर्ज हुए। वहीं, दहेज हत्या की बात की जाए तो वर्ष 2024 में लखनऊ में 22, कानपुर में 54 और गाजियाबाद में 18 मामले पुलिस ने दर्ज किए। दहेज उत्पीड़न के मामले भी पूरे प्रदेश में लखनऊ सबसे अधिक 1446 दर्ज हैं। लखनऊ के बाद कानपुर में 986 और गाजियाबाद में 300 मामले दर्ज हुए।
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कानपुर में पुराने मामले सबसे अधिक लंबित
महिला अपराध के मामले में विवेचना की बात की जाए तो लखनऊ में पुराने 585, कानपुर में 966 और गाजियाबाद में 10 केस विवेचना के लिए लंबित हैं। इस तरह वर्ष 2024 के केस को मिलकर लखनऊ पुलिस को 3156, कानपुर पुलिस को 2916 और गाजियाबाद पुलिस को 1275 केस की विवेचना करनी है।