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राजस्व कोर्ट के निर्णय 24 घंटे में होंगे ऑनलाइन
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लखनऊ। राजस्व कोर्ट से जुड़े वादों के निर्णयों में पारदर्शिता लाने के लिए अब सभी राजस्व कोर्ट में निस्तारण के बाद आदेश को अगले 24 घंटे में राजस्व परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करना जरूरी होगा। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। राजस्व परिषद के निर्देश के बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट व तहसील से जुड़े सभी राजस्व न्यायालयों में नई व्यवस्था को पूरी सख्ती से अमल में लाने का निर्देश जारी किया है। पक्षकारों को राहत मिलेगी। उन्हें वाद से जुड़ा अंतिम निर्णय पाने में कोर्ट के पेशकार के चक्कर काटने से निजात मिलेगी। यह जानकारी एडीएम प्रशासन श्रीप्रकाश गुप्ता ने दी।
उन्होंने बताया कि सभी राजस्व कोर्ट में वादों को आरसीसीएमएस में दर्ज कर जारी आदेश बारकोड युक्त शीट पर देना जरूरी किया जा चुका है। संबंधित कोर्ट के पीठासीन अधिकारी या पेशकार को जारी आदेश राजस्व परिषद की वेबसाइट पर 24 घंटे में ऑनलाइन फीड कराना अनिवार्य होगा। अभी तक निर्णय के बाद इसे राजस्व पोर्टल पर अपलोड करने की कोई तय मियाद नहीं थी। साथ ही पुनर्स्थापन (रीस्टोरेशन) आवेदन को भी वेबसाइट पर दर्ज कर निस्तारित वाद की बार कोड शीट पर दर्शाना होगा। प्रशासन अब ऐसे पीठासीन अधिकारी व उससे संबद्ध कोर्ट कर्मी पर भी कार्रवाई करेगा जो अनिवार्यता के बावजूद ऑर्डर शीट पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि सभी राजस्व कोर्ट में वादों को आरसीसीएमएस में दर्ज कर जारी आदेश बारकोड युक्त शीट पर देना जरूरी किया जा चुका है। संबंधित कोर्ट के पीठासीन अधिकारी या पेशकार को जारी आदेश राजस्व परिषद की वेबसाइट पर 24 घंटे में ऑनलाइन फीड कराना अनिवार्य होगा। अभी तक निर्णय के बाद इसे राजस्व पोर्टल पर अपलोड करने की कोई तय मियाद नहीं थी। साथ ही पुनर्स्थापन (रीस्टोरेशन) आवेदन को भी वेबसाइट पर दर्ज कर निस्तारित वाद की बार कोड शीट पर दर्शाना होगा। प्रशासन अब ऐसे पीठासीन अधिकारी व उससे संबद्ध कोर्ट कर्मी पर भी कार्रवाई करेगा जो अनिवार्यता के बावजूद ऑर्डर शीट पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं।
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