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तदर्थ शिक्षकों को नियमित करेगी प्रदेश सरकार

Tue, 10 Mar 2015 08:45 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 10 Mar 2015 08:45 AM IST
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Decision to be done on teachers.

विधान परिषद में निर्दलीय समूह के सदस्यों की तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने के बारे में कार्यस्थगन सूचना पर सरकार ने बताया कि 2000 तक नियुक्त तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। बाकी के बारे में आगे विचार किया जाएगा। सरकार के जवाब से असंतुष्ट निर्दलीय समूह के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।

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इससे पहले निर्दलीय समूह के सदस्यों उमेश द्विवेदी व चेतनारायण सिंह ने तर्क दिया कि इन शिक्षकों की संख्या लगभग नौ हजार है। इन्हें नियमित करने पर राजकोष पर कोई अतिरिक्त भार नहीं आएगा। कारण, इन्हें नियमित शिक्षकों को मिलने वाला पूरा वेतन व भत्ता मिल रहा है।
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यही नहीं, सरकार पहले इनको नियमित करने का आश्वासन भी देती रही है। नेता सदन अहमद हसन ने कहा कि 2000 तक नियुक्त तदर्थ शिक्षकों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है।
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बाकी के बारे में आगे विचार किया जाएगा। सत्तारूढ़ दल के देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी 2011 तक नियुक्त सभी शिक्षकों को नियमित करने की मांग की।

29 जिलों के शिक्षकों को वेतन भुगतान नहीं

Decision to be done on teachers.

शिक्षक दल ने 29 जिलों में सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में होली के मौके पर भी वेतन भुगतान न होने का मामला उठाया। साथ ही संबद्ध प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को चार-पांच महीने से वेतन न मिलने का उल्लेख किया।

शिक्षक दल के नेता ओमप्रकाश शर्मा व सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि वित्त नियंत्रक के रूप में जिस अधिकारी को शिक्षा निदेशालय में नियुक्त किया गया है, वह आबकारी विभाग के भी वित्त नियंत्रक हैं। वह विभाग में बैठते ही नहीं। लिहाजा वेतन भुगतान नहीं हो पाता।

नेता सदन अहमद हसन ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभापति ने शिक्षकों का बकाया भुगतान कराकर सदन को अवगत कराने का निर्देश दिया।

बसपा ने उठाया कानून-व्यवस्था का सवाल

Decision to be done on teachers.

बसपा के गोपाल नारायण मिश्रा व अन्य सदस्यों ने 17 फरवरी को शंकरगढ़, इलाहाबाद में शांति देवी के हत्यारों के विरुद्ध अभी तक कार्रवाई न होने का मामला उठाया।

लखनऊ में तीन लोगों की हत्या कर लुटेरे एटीएम बॉक्स लेकर भाग जाते हैं। कोई कार्रवाई नहीं होती। नेता सदन अहमद हसन ने कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है।

सभापति गणेश शंकर पांडेय ने कार्यस्थगन सूचना अस्वीकार कर सरकार को शांति देवी के हत्यारों के प्रति कठोर कार्रवाई करने और उससे सदन को अवगत कराने का निर्देश दिया।

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