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कारोबारी के मरने से पहले फांसी पर लटकाने की पुष्टि

Wed, 26 Aug 2020 01:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2020 01:30 AM IST
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death of businessman suspected
मौत से पहले फंदे से लटकाया गया था कारोबारी!
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लखनऊ। विभूतिखंड स्थित रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट में रहने वाले रीयल एस्टेट कारोबारी अश्विन कपूर की मौत का मामला रहस्यमय होता जा रहा है। उनका शव फ्लैट में फंदे से लटका मिला था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एंटीमार्टम हैंगिंग यानी मौत से पहले उन्हें लटकाने का जिक्र है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों को उनके सिर के पिछले हिस्से और दाएं कान के ऊपर काफी गहरी चोटें मिली हैं। मौत की तात्कालिक वजह श्वास अवरुद्ध होने या बेहोशी से होने का जिक्र करते हुए जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखवाया है। इस बीच अश्विन के परिवारीजन उनकी दूसरी पत्नी सुजैना शेब्स व भाई सेल्वेस्टर पर हत्या का शक जताते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े हैं। वहीं, पुलिस घटना के एक माह बाद भी जांच में उलझी है।
अश्विन के शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट डॉ. संजय कुमार और डॉ. एमएन मिश्रा ने किया था। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक मौत फांसी लगाने से नहीं हुई है। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट में मौत की वजह एंटीमार्टम हैगिंग लिखी है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक इसका मतलब है कि मौत से पहले शरीर को फंदे से लटकाया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि अश्विन के शरीर पर जो चोटें मिली थीं, वे मौत के लिए पर्याप्त थीं।
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भाई का सवाल- एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कर रही पुलिस
अश्विन के भाई ऋषि कपूर का कहना है कि उन्होंने फंदे से लटके शव को देखा था। उनके गले में रस्सी से कसने के दो निशान थे। ये फांसी लगाने के नहीं, बल्कि ऐसे थे जैसे किसी ने पीछे की तरफ से उनकी गर्दन में रस्सी लपेटकर कस दी हो। ऋषि का कहना है कि अगर भाई ने खुदकुशी की तो उनके शरीर पर घातक चोटें कैसे आईं? खुदकुशी की तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने की बात स्पष्ट क्यों नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत पर सवाल उठने के बाद भी पुलिस एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कर रही है।
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पीछे से भारी, नुकीली वस्तु से किया प्रहार
फॉरेंसिक एक्सपर्ट अनुरिमा सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखकर लग रहा है कि अश्विन के पीछे से भारी और नुकीली वस्तु से वार किया गया। इससे वह बेहोश हो गए या अर्द्धबेहोशी की स्थिति में चले गए। इसके बाद उन्हें फंदे से लटका दिया गया। हालांकि, अनुरिमा ने शव के फोटो और वीडियोग्राफी देखने के बाद अंतिम निष्कर्ष देने की बात कही है।
यह था मामला
अश्विन कपूर का शव 19 जुुलाई की सुबह फ्लैट में मिला था। मूलरूप से पंजाब के जालंधर निवासी अश्विन रीयल एस्टेट कंपनी में अधिकारी थे और खुद भी रीयल एस्टेट का काम करते थे। वह पहली पत्नी से अलग हो चुके थे और करीब 10 साल पहले मुंबई के गिरगांव चरनी रोड निवासी सुजैना शेब्स से आर्य समाज मंदिर में शादी कर साथ रह रहे थे। दोनों अक्सर लखनऊ में रोहतास प्लूमेरिया अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में आकर 15-20 दिन ठहरते थे। मौत से करीब पांच महीने पहले से वह और सुजैना लखनऊ में ही थे। अश्विन की मौत की खबर सुनकर पंजाब से लखनऊ पहुंची मां सरोज कपूर ने सुजैना व उसके भाई सेल्वेस्टर पर हत्या का शक जताते हुए विभूतिखंड थाने की पुलिस को तहरीर दी है।
क्या हुआ था उस रात
अश्विन के फ्लैट में 18 जुलाई की रात क्या हुआ था? यह राज अब तक सामने नहीं आ सका है। सुजैना का कहना है कि रात को खाना खाने के बाद वह अपने और अश्विन अपने कमरे में चले गए। सुबह पति को जगाने गई तो उनका शव लटका देख पैरों तले जमीन खिसक गई। हालांकि, अश्विन के परिवारीजन इसे मनगढ़ंत मान रहे हैं। उनका कहना है कि अश्विन की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद मौत को खुदकुशी का रूप देने के लिए शव फंदे से लटका दिया गया। उन्होंने संपत्ति के लालच में सुजैना और उसके भाई सेल्वेस्टर पर बेटे की हत्या का शक जताया है।
खुशमिजाज और जिंदादिल इंसान था मेरा बेटा
सरोज कपूर के मुताबिक उनका बेटा अश्विन खुशमिजाज और जिंदादिल इंसान था। उसे अवसाद या तनाव जैसी कोई भी समस्या नहीं थी। उसके पास नैनीताल में होटल समेत कई प्रापर्टी थी। इससे उसके आर्थिक रूप से परेशान होने की भी कोई आशंका नहीं जताई जा सकती।
सुजैना के पास है अश्विन का मोबाइल, लैपटॉप व डायरी
सरोज का आरोप है कि अश्विन का मोबाइल फोन, लैपटॉप और डायरी सुजैना के पास है। डायरी में अश्विन ने लिखा था कि उसने सुजैना के भाई को 35 लाख रुपये दिए हैं। इसके अलावा अश्विन के एचडीएफसी बैंक स्थित खाते से भी कई बार में लाखों की गड़बड़ी सुजैना और सेल्वेस्टर ने की है। उन्होंने बेटे के मोबाइल फोन, लैपटॉप व डायरी लेकर जांच कराने की मांग की है।

फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
अश्विन कपूर की मौत के मामले में पुलिस पूरी गंभीरता से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने शुक्रवार को रोहतास प्लूमेरिया स्थित उनके फ्लैट ए-1002 में घटनाक्रम का रीक्रिएशन किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। फॉरेंसिक टीम जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चारू निगम, डीसीपी पूर्वी
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