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राजधानी में बिल भुगतान न करने पर 16 घंटे तक नहीं दिया किशोर का शव, मॉर्च्यूरी में उठने लगी बदबू

Fri, 01 May 2020 09:28 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 01 May 2020 09:28 AM IST
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dead body of teenager was not given by Hospital for 16 hours due to non-payment of bills
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
लखनऊ के चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में किशोर की मौत बाद बकाया बिल न दे पाने पर 16 घंटे तक शव परिजनों को नहीं दिया गया। मॉर्च्युरी में शव से दुर्गंध उठने लगी तो बृहस्पतिवार सुबह तीमारदारों ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। 
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तीमारदारों का आरोप था कि निजी अस्पताल ने पहले इलाज के नाम पर सवा दो लाख रुपये वसूले। मौत के बाद तीन लाख रुपये बकाया होने पर शव नहीं दे रहे थे। पुलिस ने निजी अस्पताल से शव दिलवाकर तीमारदारों को सीतापुर रवाना किया। 
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सीतापुर के रामपुर मथुरा निवासी अनिल सिंह का बेटा शिवा सिंह (14) को सांस लेने में तकलीफ थी। 17 अप्रैल की देर रात उसे जिला चिकित्सालय ले गए, जहां से ट्रॉमा रेफर कर दिया गया। 18 अप्रैल की सुबह तीमारदार बच्चे को लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मामला संदिग्ध बता भर्ती नहीं किया। 
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इस बीच निजी एंबुलेंस चालक ने बेहतर इलाज का झांसा देकर चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करा दिया। किशोर के चचेरे भाई सरवन सिंह का आरोप है कि निजी अस्पताल ने इलाज के नाम पर सवा दो लाख रुपये वसूल लिए। बुधवार देर शाम किशोर की मौत हो गई।
 

बकाया तीन लाख का बिल भुगतान करने बाद लाश देने की बात कही। करीब 16 घंटे बीत गए और मॉर्च्युरी में रखे शव से बदबू उठने पर तीमारदारों ने सुबह करीब 10 बजे हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना पर आई पुलिस ने छानबीन की। पुलिस ने निजी अस्पताल संचालक से शव परिजनों को दिलवाया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की शिकायत मुख्यमंत्री व सीएमओ से करेंगे। 

मामले की शिकायत आने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। मरीज का शव बिल के लिए बंधक नहीं बनाया जा सकता है। 
डॉ. अनूप श्रीवास्तव, नर्सिंग होम नोडल अफसर

सीतापुर से मरीज अस्पताल आकर भर्ती हुआ था। तीमारदारों ने महज 45 हजार रुपये का भुगतान किया था। आरोप बेबुनियाद हैं। किसी तरह की लापरवाही व शव को बंधक नहीं बनाया गया था।
अखिलेश पांडेय, संचालक चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर 
 
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