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चार दिन बाद नदी में उतराता मिला डिप्टी कमांडेंट का शव, पत्नी से झगड़े के बाद बच्चों संग कूदे थे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 07 Feb 2018 12:45 PM IST
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घैला पुल के पास गोमती नदी में उतराता शव।
- फोटो : amar ujala
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पत्नी से झगड़े के बाद बच्चों संग गोमती में कूदे सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट विशंभर दयाल मौर्या का शव चार दिन बाद बुधवार सुबह नदी में उतराता मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मालूम हो कि लखनऊ के मड़ियांव के आईआईएम रोड निवासी सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट विशंभर दयाल मौर्या (46) पत्नी अनुराधा से झगड़े के बाद शनिवार सुबह दो मासूम बच्चों के साथ घैला पुल से गोमती नदी में कूद गए थे।
सात वर्षीय तेजस तो किसी तरह तैरकर बाहर आ गया लेकिन तीन साल का बेटा वंश और डिप्टी कमांडेंट डूब गए। सीआरपीएफ की रेस्क्यू टीम ने उसी दिन दोपहर में वंश का शव खोज लिया था जबकि डिप्टी कमांडेंट का पता नहीं चल सका था।
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मूलरूप से मलिहाबाद क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी विशंभर दयाल मौर्या सीआरपीएफ बिजनौर में तैनात थे। करीब डेढ़ साल पहले झारखंड से तबादला होने पर वह लखनऊ आए और आईआईएम रोड स्थित एल्डिको कॉलोनी में मकान किराये पर लेकर परिवार सहित रह रहे थे।
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मालूम हो कि लखनऊ के मड़ियांव के आईआईएम रोड निवासी सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट विशंभर दयाल मौर्या (46) पत्नी अनुराधा से झगड़े के बाद शनिवार सुबह दो मासूम बच्चों के साथ घैला पुल से गोमती नदी में कूद गए थे।
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सात वर्षीय तेजस तो किसी तरह तैरकर बाहर आ गया लेकिन तीन साल का बेटा वंश और डिप्टी कमांडेंट डूब गए। सीआरपीएफ की रेस्क्यू टीम ने उसी दिन दोपहर में वंश का शव खोज लिया था जबकि डिप्टी कमांडेंट का पता नहीं चल सका था।
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मूलरूप से मलिहाबाद क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी विशंभर दयाल मौर्या सीआरपीएफ बिजनौर में तैनात थे। करीब डेढ़ साल पहले झारखंड से तबादला होने पर वह लखनऊ आए और आईआईएम रोड स्थित एल्डिको कॉलोनी में मकान किराये पर लेकर परिवार सहित रह रहे थे।
इसलिए उठाया था कदम
डिप्टी कमांडेंट विशंभर दयाल मौर्या (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
घर वालों के अनुसार उनका, पत्नी अनुराधा से काफी तनावपूर्ण संबंध थे। कई दिन से दोनों के बीच झगड़ा हो रहा था। एक फरवरी गुरुवार को भी दोनों में खूब झगड़ा हुआ था। इसके बाद दो फरवरी को अनुराधा ने जगदीशपुर में ही रहने वाले पिता राजेंद्र को फोन कर बुलाया और बच्चों को लेकर उनके साथ मायके चली गईं। डिप्टी कमांडेंट भी अपने ऑफिस चले गए। रात को वह घर लौटे और पत्नी को फोन करने लगे।
पत्नी समेत ससुराल के अन्य सदस्यों ने फोन नहीं उठाया तो गुस्साए डिप्टी कमांडेंट कार लेकर रात करीब दो बजे जगदीशपुर पहुंच गए। वहां उन्होंने पत्नी व ससुरालवालों से खूब झगड़ा किया। फिर दोनों बच्चों को साथ लेकर निकल गए और घैला पुल से नदी में छलांग लगा दी।
नदी से बाहर निकले तेजस को देख राहगीरों ने सुबह पांच बजे के करीब पुलिस को सूचना दी। काफी खोजबीन के बाद वंश का शव तो उसकी दिन दोपहर में मिल गया लेकिन डिप्टी कमांडेंट के शव की तलाश जारी थी। बुधवार सुबह छह बजे के करीब शव उतराता देख लोगों ने 100 नंबर डायल कर पुलिस को खबर की।
पत्नी समेत ससुराल के अन्य सदस्यों ने फोन नहीं उठाया तो गुस्साए डिप्टी कमांडेंट कार लेकर रात करीब दो बजे जगदीशपुर पहुंच गए। वहां उन्होंने पत्नी व ससुरालवालों से खूब झगड़ा किया। फिर दोनों बच्चों को साथ लेकर निकल गए और घैला पुल से नदी में छलांग लगा दी।
नदी से बाहर निकले तेजस को देख राहगीरों ने सुबह पांच बजे के करीब पुलिस को सूचना दी। काफी खोजबीन के बाद वंश का शव तो उसकी दिन दोपहर में मिल गया लेकिन डिप्टी कमांडेंट के शव की तलाश जारी थी। बुधवार सुबह छह बजे के करीब शव उतराता देख लोगों ने 100 नंबर डायल कर पुलिस को खबर की।