{"_id":"66e2071a554b5ac83f0a4544","slug":"days-spent-in-queues-to-get-aadhaar-made-shravasti-news-c-104-1-srv1002-106693-2024-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: आधार बनवाने के लिए कतारों में बीत रहे दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: आधार बनवाने के लिए कतारों में बीत रहे दिन
Thu, 12 Sep 2024 02:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 12 Sep 2024 02:39 AM IST
विज्ञापन
श्रावस्ती। तराई के लोगों को आधार संशोधन करवाने से लेकर नया आधार बनवाने तक के लिए लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। इसमें कुछ लोगों का तो आधार संशोधन हो जाता है। जबकि ज्यादातर लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
विद्यालयों में बच्चों के पंजीकरण हो या फिर पीएम किसान योजना का लाभ लेना। राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम बढ़वाना हो या बैंक में खाता खुलवाना। हर जगह आधार कार्ड की अनिवार्यता के चलते आधार केंद्रों में लंबी लाइनें लग रही हैं। इससे आधार बनवाने या संशोधन कराने के लिए अभिभावकों के साथ आने वाले छोटे बच्चों को परेशान होना पड़ रहा है। कथरा माफी के रामआसरे यादव बुधवार अपने बेटे शिवधन व पुत्री ब्रम्हवती का आधार बनवाने के लिए सुबह से ही लाइन में लगे थे। लेकिन दोपहर तीन बजे तक उनका नंबर नहीं आया। परेवपुर के गंगाराम साहू अपने बेटे आकाश का आधार बनवाने के लिए सुबह से दोपहर तक इंतजार करते रहे। भचकाही की रसना चौधरी बेटे धर्मा व शशिकांत का आधार बनवाने के लिए तीन दिन से चक्कर लगा रही है। इसी गांव की आशा देवी अपनी बेटी अंशिका का आधार बनवाने के लिए तीन दिन से टोकन लेने के लिए दौड़ रही हैं। आनंदीपुरवा की सुनीता तीन बच्चों का आधार बनवाने के लिए दो दिनों से आधार केंद्र का चक्कर लगा रही हैं। जिन्हें कभी सर्वर डाउन तो कभी अधिक भीड़ होने के कारण बैरंग लौटना पड़ रहा है।
चार से पांच दिन तक करना पड़ता है इंतजार
आधार केंद्रों पर लोगों को सबसे पहले आधार काउंटर तक पहुंचने के लिए लाइन लगानी पड़ती है। पहले दिन ही काउंटर पर पहुंच गए तो उन्हें फार्म के साथ ही टोकन देकर अगले दिन बुलाया जाता है। दूसरे दिन आने के बाद उनका फार्म जमा कर लिया जाता है और उन्हें तीन से चार दिन के बाद आधार संशोधन के लिए बुलाया जाता है।
विज्ञापन
जिले में 66 आधार केंद्र हैं संचालित
आधार संशोधन के लिए जिले में बीआरसी, बैंक व डाकघरों सहित अन्य स्थानों पर 66 केंद्र संचालित हैं। इसमें से जमुनहा तहसील क्षेत्र में नौ, भिनगा तहसील क्षेत्र में 35 व इकौना तहसील क्षेत्र में 22 केंद्र संचालित हैं। जबकि इसके पहले 89 आधार केंद्र संचालित थे। इसमें से 23 केंद्र विभिन्न कारणों से बंद हैं।
आधार केंद्रों पर नेटवर्क फेल व साइड की समस्या से आधार बनने में समस्या आ रही है। हालांकि अधिक से अधिक लोगों का आधार बनाने का प्रयास किया जाता है।
-कर्माकर पांडेय, नोडल अधिकारी बीआरसी आधार केंद्र
विज्ञापन
विद्यालयों में बच्चों के पंजीकरण हो या फिर पीएम किसान योजना का लाभ लेना। राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों का नाम बढ़वाना हो या बैंक में खाता खुलवाना। हर जगह आधार कार्ड की अनिवार्यता के चलते आधार केंद्रों में लंबी लाइनें लग रही हैं। इससे आधार बनवाने या संशोधन कराने के लिए अभिभावकों के साथ आने वाले छोटे बच्चों को परेशान होना पड़ रहा है। कथरा माफी के रामआसरे यादव बुधवार अपने बेटे शिवधन व पुत्री ब्रम्हवती का आधार बनवाने के लिए सुबह से ही लाइन में लगे थे। लेकिन दोपहर तीन बजे तक उनका नंबर नहीं आया। परेवपुर के गंगाराम साहू अपने बेटे आकाश का आधार बनवाने के लिए सुबह से दोपहर तक इंतजार करते रहे। भचकाही की रसना चौधरी बेटे धर्मा व शशिकांत का आधार बनवाने के लिए तीन दिन से चक्कर लगा रही है। इसी गांव की आशा देवी अपनी बेटी अंशिका का आधार बनवाने के लिए तीन दिन से टोकन लेने के लिए दौड़ रही हैं। आनंदीपुरवा की सुनीता तीन बच्चों का आधार बनवाने के लिए दो दिनों से आधार केंद्र का चक्कर लगा रही हैं। जिन्हें कभी सर्वर डाउन तो कभी अधिक भीड़ होने के कारण बैरंग लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
चार से पांच दिन तक करना पड़ता है इंतजार
आधार केंद्रों पर लोगों को सबसे पहले आधार काउंटर तक पहुंचने के लिए लाइन लगानी पड़ती है। पहले दिन ही काउंटर पर पहुंच गए तो उन्हें फार्म के साथ ही टोकन देकर अगले दिन बुलाया जाता है। दूसरे दिन आने के बाद उनका फार्म जमा कर लिया जाता है और उन्हें तीन से चार दिन के बाद आधार संशोधन के लिए बुलाया जाता है।
विज्ञापन
जिले में 66 आधार केंद्र हैं संचालित
आधार संशोधन के लिए जिले में बीआरसी, बैंक व डाकघरों सहित अन्य स्थानों पर 66 केंद्र संचालित हैं। इसमें से जमुनहा तहसील क्षेत्र में नौ, भिनगा तहसील क्षेत्र में 35 व इकौना तहसील क्षेत्र में 22 केंद्र संचालित हैं। जबकि इसके पहले 89 आधार केंद्र संचालित थे। इसमें से 23 केंद्र विभिन्न कारणों से बंद हैं।
आधार केंद्रों पर नेटवर्क फेल व साइड की समस्या से आधार बनने में समस्या आ रही है। हालांकि अधिक से अधिक लोगों का आधार बनाने का प्रयास किया जाता है।
-कर्माकर पांडेय, नोडल अधिकारी बीआरसी आधार केंद्र