बसपा सुप्रीमो मायावती पर अशोभनीय टिप्पणी कर कानून के शिकंजे में फंसे भाजपा से निष्कासित पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दयाशंकर सिंह की मां तेतरा देवी और पत्नी स्वाती सिंह ने भी मोर्चा खोल दिया है।
शुक्रवार दोपहर दोनों हजरतगंज कोतवाली पहुंची और बसपा सुप्रीमो और राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित बसपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ तहरीर दी।
तीन घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामा के बाद पुलिस ने तेतरा देवी की तरफ से जातीय भावनाएं भड़काने, महिला के प्रति अपमानजनक शब्द कहने, जानमाल की धमकी, गाली-गलौज व षड्यंत्र रचने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली गई। तहरीर में दयाशंकर की 12 साल की बेटी का भी जिक्र होने के बावजूद एफआईआर में पॉक्सो एक्ट नहीं शामिल किया गया।
दयाशंकर सिंह के सैकड़ों समर्थकों और वकील दिलीप श्रीवास्तव के साथ दोपहर करीब 12 बजे तेतरा देवी ने हजरतगंज कोतवाली पहुंचकर इंस्पेक्टर विजयमल यादव को तहरीर सौंपी। ठीक सवा एक बजे दयाशंकर की पत्नी स्वाती सिंह भी कोतवाली आ गईं और महिलाओं के प्रति नजरिए को लेकर मायावती व नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित अन्य बसपाइयों की कड़ी निंदा की।
तेतरा देवी ने कहा कि बीते बृहस्पतिवार को मायावती के बुलाने पर ही नसीमुद्दीन सिद्दीकी, रामअचल राजभर, राष्ट्रीय सचिव मेवालाल के नेतृत्व में बसपाई हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा आए और उन्हें व दयाशंकर की बहन, पत्नी-बेटी को गालियां देने के साथ ही अपशब्द कहे। दयाशंकर को फांसी देने व जान से मारने की बात भी कही गई।