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नाजायज संबंधों का विरोध करने पर बहू ने प्रेमी संग मिलकर की ससुर की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 26 Sep 2017 10:19 PM IST
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सत्यनारायण (फाइल फोटो)
- फोटो : amarujala
लखनऊ में निगोहां क्षेत्र के भगवानगंज गांव में कमिश्नर के रिटायर्ड अर्दली सत्यनारायण (61) की रविवार रात उनकी बहू ने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कर दी। सोमवार सुबह गांव के बाहर कच्चे रास्ते पर सत्यनारायण का शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने रिटायर्ड अर्दली के बेटे की तरफ से केस दर्ज करके बहू रागिनी और उसके प्रेमी मोनू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल मोनू के एक अन्य साथी की तलाश की जा रही है।
मोनू रागिनी के दूर का रिश्तेदार है। एसओ चैम्पियन लाल का कहना है कि रागिनी के मोनू से नाजायज संबंध थे जिसका सत्यनारायण विरोध करते थे। नाजायज संबंधों में रोड़ा बनने पर रागिनी ने मोनू के साथ मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।
एसओ ने बताया कि सत्यनारायण रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे नित्यक्रिया के लिए घर से निकले थे।
उनके जाते ही रागिनी भी बहाने से बाहर चली गई। वह ससुर का पीछा करते हुए गांव के बाहर पहुंची और गांव में ही मौजूद प्रेमी मोनू को फोन करके बुलाया। मोनू एक अन्य युवक के साथ मौके पर आ गया। इसके बाद तीनों ने मिलकर सत्यनारायण को दबोच लिया। मोनू और उसके साथी ने बुजुर्ग के गले में अंगोछा कस दिया। सत्यनारायण बदमाशों से भिड़ गए तो रागिनी भी उन पर टूट पड़ी।
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तीनों ने मिलकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद सभी अपने-अपने घर चले गए। इस बीच सत्यनारायण घर नहीं पहुंचे तो बेटे दिलीप ने पत्नी रागिनी से उनके बारे में पूछा। रागिनी ने कहा कि वह गांव के बाहर तिलक समारोह में आर्केस्ट्रा देखने गए हैं। दिलीप उनकी तलाश करते हुए तिलक समारोह गया लेकिन वह नहीं मिले।
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मोनू रागिनी के दूर का रिश्तेदार है। एसओ चैम्पियन लाल का कहना है कि रागिनी के मोनू से नाजायज संबंध थे जिसका सत्यनारायण विरोध करते थे। नाजायज संबंधों में रोड़ा बनने पर रागिनी ने मोनू के साथ मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।
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एसओ ने बताया कि सत्यनारायण रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे नित्यक्रिया के लिए घर से निकले थे।
उनके जाते ही रागिनी भी बहाने से बाहर चली गई। वह ससुर का पीछा करते हुए गांव के बाहर पहुंची और गांव में ही मौजूद प्रेमी मोनू को फोन करके बुलाया। मोनू एक अन्य युवक के साथ मौके पर आ गया। इसके बाद तीनों ने मिलकर सत्यनारायण को दबोच लिया। मोनू और उसके साथी ने बुजुर्ग के गले में अंगोछा कस दिया। सत्यनारायण बदमाशों से भिड़ गए तो रागिनी भी उन पर टूट पड़ी।
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तीनों ने मिलकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद सभी अपने-अपने घर चले गए। इस बीच सत्यनारायण घर नहीं पहुंचे तो बेटे दिलीप ने पत्नी रागिनी से उनके बारे में पूछा। रागिनी ने कहा कि वह गांव के बाहर तिलक समारोह में आर्केस्ट्रा देखने गए हैं। दिलीप उनकी तलाश करते हुए तिलक समारोह गया लेकिन वह नहीं मिले।
शव के पास टूटी चूड़ियों से लगा सुराग
बिलखते परिवारीजन
- फोटो : amarujala
दिलीप देर रात तक खोजबीन करता रहा लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। सोमवार सुबह ग्रामीण नित्यक्रिया के लिए गए तो गांव के बाहर कच्चे रास्ते पर सत्यनारायण का शव देख हड़कंप मच गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के चेहरे व हाथ-पैरों पर चोटों के निशान थे।
आसपास संघर्ष के लक्षण भी नजर आ रहे थे। दिलीप ने उनकी हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस छानबीन के बाद रागिनी और मोनू को पकड़ लिया है। रागिनी ने हत्या की बात कुबूल कर ली है। ससुर की हत्या के इरादे से निकली रागिनी ने पति को घर पर बंद कर दिया था।
रागिनी का कहना था कि उसने पति से नित्यक्रिया के लिए जाने की बात कही और बाहर निकल गई। उसे शक था कि पति पीछे आ सकता है इसलिए घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद करके ताला लगा दिया था। एसओ ने बताया कि शव के आसपास टूटी हुई चूड़ियां पड़ी थीं। इनके टुकड़ों को देखकर पुलिस को शंका हुई कि हत्या में कोई न कोई महिला जरूर शामिल है।
इस दिशा में छानबीन की गई तो पता चला कि रागिनी की कलाइयों में ठीक वैसी ही चूड़ियां हैं, जैसी सत्यनारायण के शव के आसपास मिली थीं। रात को अंधेरे में हाथापाई के दौरान उसे चूड़ियां टूटने का पता नहीं चला। चूड़ियां टूटने से उसकी कलाइयों में कुछ खरोंचे भी आई थीं। पुलिस ने रागिनी को पकड़कर पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
आसपास संघर्ष के लक्षण भी नजर आ रहे थे। दिलीप ने उनकी हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस छानबीन के बाद रागिनी और मोनू को पकड़ लिया है। रागिनी ने हत्या की बात कुबूल कर ली है। ससुर की हत्या के इरादे से निकली रागिनी ने पति को घर पर बंद कर दिया था।
रागिनी का कहना था कि उसने पति से नित्यक्रिया के लिए जाने की बात कही और बाहर निकल गई। उसे शक था कि पति पीछे आ सकता है इसलिए घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद करके ताला लगा दिया था। एसओ ने बताया कि शव के आसपास टूटी हुई चूड़ियां पड़ी थीं। इनके टुकड़ों को देखकर पुलिस को शंका हुई कि हत्या में कोई न कोई महिला जरूर शामिल है।
इस दिशा में छानबीन की गई तो पता चला कि रागिनी की कलाइयों में ठीक वैसी ही चूड़ियां हैं, जैसी सत्यनारायण के शव के आसपास मिली थीं। रात को अंधेरे में हाथापाई के दौरान उसे चूड़ियां टूटने का पता नहीं चला। चूड़ियां टूटने से उसकी कलाइयों में कुछ खरोंचे भी आई थीं। पुलिस ने रागिनी को पकड़कर पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
रिटायर्ड अर्दली ने गोद लिया था बेटा
बुजुर्ग की हत्या के बाद बिलखते परिवारीजन
- फोटो : amarujala
रागिनी के कुछ महीने पहले ही बेटा हुआ था। उसके हत्या के आरोप में पकड़े जाने के बाद परिवारीजनों को दूधमुंहे की फिक्र हो रही है। दिलीप का कहना है कि बच्चा कैसे पलेगा? कौन उसकी देखरेख करेगा? यह सोचकर कलेजा मुंह को आ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि रिटायर्ड अर्दली सत्यनारायण और उनकी पत्नी कलावती के कोई संतान नहीं थी।
उन्होंने दिलीप को गोद लिया था। 14 जून 2012 में रायबरेली के बछरावां भक्तिनखेड़ा गांव निवासी राममिलन की बेटी रागिनी से उसकी शादी कराई थी। दिलीप बंथरा के जुनाबगंज स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में चपरासी है। अक्सर ड्यूटी पर होने के कारण वह घर से बाहर रहता था। सास-ससुर भी गांव में इधर-उधर रहने पर दिन में अक्सर रागिनी घर पर अकेली ही होती थी।
इसी दौरान घर आते-जाते मोनू से रागिनी के संबंध बन गए। करीब दस महीने पहले कलावती की मौत होने पर मोनू बेरोकटोक घर में आने-जाने लगा। गांव में तरह-तरह की चर्चाओं से परेशान सत्यनारायण ने मोनू के घर आने-जाने का विरोध किया। इस पर दोनों ने सत्यनारायण की हत्या की साजिश रच डाली।
ग्रामीणों ने बताया कि सत्यनारायण बीते एक महीने से करीबियों से अपनी हत्या की आशंका जता रहे थे। कई लोगों से कहा था कि बहू हत्या करा सकती है। हालांकि किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। करीबियों को लगा कि बहू से नाराजगी के चलते ही वह ऐसा कह रहे हैं। सोमवार सुबह शव मिला तो लोगों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि रिटायर्ड अर्दली सत्यनारायण और उनकी पत्नी कलावती के कोई संतान नहीं थी।
उन्होंने दिलीप को गोद लिया था। 14 जून 2012 में रायबरेली के बछरावां भक्तिनखेड़ा गांव निवासी राममिलन की बेटी रागिनी से उसकी शादी कराई थी। दिलीप बंथरा के जुनाबगंज स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में चपरासी है। अक्सर ड्यूटी पर होने के कारण वह घर से बाहर रहता था। सास-ससुर भी गांव में इधर-उधर रहने पर दिन में अक्सर रागिनी घर पर अकेली ही होती थी।
इसी दौरान घर आते-जाते मोनू से रागिनी के संबंध बन गए। करीब दस महीने पहले कलावती की मौत होने पर मोनू बेरोकटोक घर में आने-जाने लगा। गांव में तरह-तरह की चर्चाओं से परेशान सत्यनारायण ने मोनू के घर आने-जाने का विरोध किया। इस पर दोनों ने सत्यनारायण की हत्या की साजिश रच डाली।
ग्रामीणों ने बताया कि सत्यनारायण बीते एक महीने से करीबियों से अपनी हत्या की आशंका जता रहे थे। कई लोगों से कहा था कि बहू हत्या करा सकती है। हालांकि किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। करीबियों को लगा कि बहू से नाराजगी के चलते ही वह ऐसा कह रहे हैं। सोमवार सुबह शव मिला तो लोगों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई।