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Lucknow News: फ्लोराइड के बढ़ते असर से मंडराया दिव्यांगता का खतरा
Tue, 26 Nov 2024 04:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 26 Nov 2024 04:41 AM IST
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रायबरेली। बकुलाही झील रोहनिया के 30 गांव क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनती जा रही है। झील के आसपास के गांव क्षेत्रों का पानी प्रदूषित हो जाने से इसमें बढ़ी फ्लोराइड की मात्रा से इलाके में दिव्यांगता का खतरा मंडराने लगा है। भूगर्भ जल स्रोत भी खराब होने से गांवों में लगे हैंडपंप फ्लोराइड युक्त पानी देने लगे हैं।
प्राचीन काल में नदी रही बकुलाही झील का स्वरूप बदल गया है। जलकुंभी व सिल्ट जमा होने से पानी का बहाव थम जाने से वह दूषित हो गया है। इससे झील के आसपास बसे गांवों में सीपेज की समस्या भी बढ़ गई है। भूगर्भ जल में फ्लोराइड की बढ़ती मात्रा से हैंडपंपों से भी प्रदूषित पानी निकलता है। फ्लोराइड युक्त इस पानी को पीने से लोगों के दांत खराब होने के साथ ही लोगों के हाथ और पैर में दिव्यांगता आने लगी है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव रोहनिया व उसरैना ग्राम पंचायत में दिखता है।
हालात इस हद तक बिगड़ चुकी है कि बीमारी व दूषित पानी के कारण गांव के युवक व युवतियों की शादी तक नहीं हो पा रही है। समस्या को दूर कराने के लिए ग्रामीणों ने कई बार आवाज उठाई लेकिन जन प्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी तक इस परेशानी से छुटकारा दिलवाने को लेकर उदासीन बने हैं।
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इन गांव क्षेत्रों में बढ़ रहा खतरा
फ्लोराइड युक्त पानी के कारण होने वाली समस्या का सर्वाधिक प्रकोप रोहनिया ब्लाक की ग्राम पंचायत उसरैना के पूरे ठकुराइन, पूरे सठियाना, उसरैना, पूरे शीतला बख्श, पूरे घासी खां, लोहरा, कटरा, पूरे फकीरी व रोहनिया ग्राम पंचायत के रोहनिया, बड़ा पुरवा व अंतरी गांव में है।
इसके साथ ही भिखनापुर, सरेनी, धनेही मजरे मवई व सूहापार में भी नलों से दूषित पानी निकल रहा है। जबकि मतरमपुर, मवई, इटैली, रायपुर, धमोली ,उमरन, चकभीरा, डाकपुर, भखरी, सेमरा, सरकपुर, पतौना,पूरे द्रिकपाल, खीली का पुरवा व मवई गांवों में भी फ्लोराइड युक्त पानी का दुष्प्रभाव अपना असर दिखाने लगा है। वहीं सलोनी ब्लाक के समसपुर, गोड़वा हसनपुर व पकसरावां गांव भी इसकी चपेट में हैं।
ग्राम पंचायत उसरैना में सर्वाधिक प्रभाव
उसरैना ग्राम पंचायत की आबादी लगभग 3600 है। फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से इस पंचायत में लगभग 40 प्रतिशत लोग दिव्यांगता व दांत रोग से परेशान हैं। इसके साथ ही 25 प्रतिशत लोग जोड़ो का दर्द से पीड़ित हैं। इसमें से कई युवाओं के हाथ पैर पतले हो जाने से वह समय से पहले उम्रदराज दिखने लगे हैं। इससे उनका विवाह तक नहीं हो पा रहा है। वहीं पूरे घासी खां गांव की सोनिया 13 वर्ष हाथ से दिव्यांग हो गई।
फ्लोराइड युक्त पानी से आती ही दिव्यांगता
फ्लोराइडयुक्त पानी से शरीर में दिव्यांगता आती है। दांत खराब होते हैं तो साथ ही हड्डियां टेढ़ी होने लगती है। रोहिनया क्षेत्र में मरीज समस्या से ग्रसित होकर आते हैं। जरूरी है कि फ्लोराइडयुक्त पानी से दूरी बनाई जाए, यदि संभव को पानी उबाल कर पीया जाए।
डॉ. मो. अनवर, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी, रोहनिया
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प्राचीन काल में नदी रही बकुलाही झील का स्वरूप बदल गया है। जलकुंभी व सिल्ट जमा होने से पानी का बहाव थम जाने से वह दूषित हो गया है। इससे झील के आसपास बसे गांवों में सीपेज की समस्या भी बढ़ गई है। भूगर्भ जल में फ्लोराइड की बढ़ती मात्रा से हैंडपंपों से भी प्रदूषित पानी निकलता है। फ्लोराइड युक्त इस पानी को पीने से लोगों के दांत खराब होने के साथ ही लोगों के हाथ और पैर में दिव्यांगता आने लगी है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव रोहनिया व उसरैना ग्राम पंचायत में दिखता है।
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हालात इस हद तक बिगड़ चुकी है कि बीमारी व दूषित पानी के कारण गांव के युवक व युवतियों की शादी तक नहीं हो पा रही है। समस्या को दूर कराने के लिए ग्रामीणों ने कई बार आवाज उठाई लेकिन जन प्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी तक इस परेशानी से छुटकारा दिलवाने को लेकर उदासीन बने हैं।
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इन गांव क्षेत्रों में बढ़ रहा खतरा
फ्लोराइड युक्त पानी के कारण होने वाली समस्या का सर्वाधिक प्रकोप रोहनिया ब्लाक की ग्राम पंचायत उसरैना के पूरे ठकुराइन, पूरे सठियाना, उसरैना, पूरे शीतला बख्श, पूरे घासी खां, लोहरा, कटरा, पूरे फकीरी व रोहनिया ग्राम पंचायत के रोहनिया, बड़ा पुरवा व अंतरी गांव में है।
इसके साथ ही भिखनापुर, सरेनी, धनेही मजरे मवई व सूहापार में भी नलों से दूषित पानी निकल रहा है। जबकि मतरमपुर, मवई, इटैली, रायपुर, धमोली ,उमरन, चकभीरा, डाकपुर, भखरी, सेमरा, सरकपुर, पतौना,पूरे द्रिकपाल, खीली का पुरवा व मवई गांवों में भी फ्लोराइड युक्त पानी का दुष्प्रभाव अपना असर दिखाने लगा है। वहीं सलोनी ब्लाक के समसपुर, गोड़वा हसनपुर व पकसरावां गांव भी इसकी चपेट में हैं।
ग्राम पंचायत उसरैना में सर्वाधिक प्रभाव
उसरैना ग्राम पंचायत की आबादी लगभग 3600 है। फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से इस पंचायत में लगभग 40 प्रतिशत लोग दिव्यांगता व दांत रोग से परेशान हैं। इसके साथ ही 25 प्रतिशत लोग जोड़ो का दर्द से पीड़ित हैं। इसमें से कई युवाओं के हाथ पैर पतले हो जाने से वह समय से पहले उम्रदराज दिखने लगे हैं। इससे उनका विवाह तक नहीं हो पा रहा है। वहीं पूरे घासी खां गांव की सोनिया 13 वर्ष हाथ से दिव्यांग हो गई।
फ्लोराइड युक्त पानी से आती ही दिव्यांगता
फ्लोराइडयुक्त पानी से शरीर में दिव्यांगता आती है। दांत खराब होते हैं तो साथ ही हड्डियां टेढ़ी होने लगती है। रोहिनया क्षेत्र में मरीज समस्या से ग्रसित होकर आते हैं। जरूरी है कि फ्लोराइडयुक्त पानी से दूरी बनाई जाए, यदि संभव को पानी उबाल कर पीया जाए।
डॉ. मो. अनवर, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी, रोहनिया