पारा में डकैती और गैंगरेप की वारदात के चौबीस घंटे भी नहीं बीते कि काकोरी के बाजनगर में डकैतों ने धावा बोल दिया। तमंचे-चाकू, लाठी-डंडे व रॉड से लैस कच्छा-बनियान पहने आठ से दस बदमाशों ने परिवार को बंधक बना लिया। मारपीट के बाद डकैतों ने अलमारियां तोड़कर जेवर-नकदी समेट लिए।
करीब आधा घंटा तक डकैत तांडव मचाते रहे। शोर सुनकर दयाराम के पड़ोस में रहने वाले चाचा ननक्के ने शोर मचाया तो डकैत फायरिंग करते हुए भाग निकले। सूचना पाकर आई पुलिस ने आसपास के इलाके में कॉम्बिंग की लेकिन डकैतों का सुराग नहीं मिला। घायलों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डकैती की एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
घर में दाखिल होते ही बरपाने लगे कहर
दयाराम ने बताया कि वह आंगन से सटे कमरे में लेटा था। रात करीब डेढ़ बजे किसी ने उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। चीखते निकलते ही कुछ लोगों ने मुंह दबोच लिया। अंधेरे में उसे तीन-चार लोग तमंचे-चाकू और लाठी-डंडे से लैस नजर आए।
पत्नी लक्ष्मी उठी तो बदमाशों ने उस पर तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी दी। बरामदे में सो रहे छोटे भाइयों सियाराम व सीताराम को भी मारपीट कर बंधक बना लिया। सीताराम को बदमाश दबोचकर बैठ गए जबकि सियाराम को लेकर पिता राजाराम के कमरे में गए और उन्हें भी बंधक बना लिया।
चाबी मांगी, इन्कार पर पीटा और तोड़ डाली अलमारी
बदमाशों ने दयाराम से अलमारी की चाबियां मांगी। उसने चाबी गुम होने की बात कही तो बदमाशों ने दंपती को पीटना शुरू कर दिया। इस बीच बदमाशों ने रॉड और बांके से आलमारी तोड़ डाली। लक्ष्मी के जेवर और पर्स में रखे नकद रुपये निकाल लिए। लक्ष्मी की कान की बाली और पायल तक उतरवा लीं। सभी लोगों के मोबाइल फोन व अन्य कीमती सामान भी बटोर लिया। राजाराम का कहना है कि बदमाश डेढ़ से दो लाख रुपये के जेवर-नकदी ले गए हैं।