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UP News: जनवरी में भी फंसे डीएलएड के दाखिले, पटरी से उतरा सत्र नहीं हो पा रहा नियमित; 1.60 हुए हैं आवेदन

Tue, 06 Jan 2026 08:29 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 06 Jan 2026 08:29 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश में जनवरी में भी डीएलएड के दाखिले फंसे हैं। एक बार जो सत्र पटरी से उतरा अभी तक नियमित नहीं हो पा रहा है। 2.40 सीटों के सापेक्ष 1.60 आवेदन हुए हैं। आगे पढ़ें पूरा अपडेट...

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D.El.Ed. admissions remain stuck in January in UP 1.60 applications have been received
Admission 2025 - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

उत्तर प्रदेश में डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) में प्रवेश की पटरी से उतरी गाड़ी अब तक लाइन पर नहीं आ सकी है। हालात यह हैं कि जनवरी माह में भी चालू सत्र की प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है, जबकि सत्र समाप्त होने में कुछ ही महीने शेष हैं। विभाग अब भी छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ाने की तैयारी में जुटा है।

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प्रदेश के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में डीएलएड कोर्स में प्रवेश लिया जाता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद अभ्यर्थी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक पद पर भर्ती के लिए योग्य हो जाते हैं। बीते कुछ वर्षों से इस कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या लगातार घट रही है। साथ ही डीएलएड का शैक्षिक सत्र भी लंबे समय से अनियमित चल रहा है।
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पिछले वर्ष डीएलएड की अर्हता को लेकर इंटर और स्नातक के बीच काफी विवाद रहा। अंततः न्यायालय ने प्रवेश के लिए स्नातक को ही अर्हता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके चलते न केवल पिछले सत्र के प्रवेश फरवरी 2025 तक खिंच गए, बल्कि चालू सत्र की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।

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2.40 लाख सीटों के सापेक्ष मात्र 1.60 लाख आवेदन

इस वर्ष पहले अर्हता का मामला हाईकोर्ट में चला, जिसका निस्तारण अक्तूबर में हुआ। इसके बाद प्रवेश के लिए आवेदन लिए गए, जिनकी प्रक्रिया दिसंबर में समाप्त हुई। हालांकि अब तक न तो मेरिट सूची जारी हुई है और न ही प्रवेश की आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकी है। प्रदेश में डीएलएड की कुल 2.40 लाख सीटों के सापेक्ष मात्र 1.60 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये अभ्यर्थी भी डायट और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के चक्कर काटने को मजबूर हैं। प्रवेश में हो रही देरी का असर इस बार भी सीटें भरने पर पड़ने की आशंका है।

डीएलएड की जगह बीएलएड की भी तैयारी

शिक्षा मंत्रालय की ओर से देशभर के डायट संस्थानों को अपग्रेड करने की कवायद चल रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आने वाले कुछ वर्षों में डीएलएड की जगह बीएलएड कोर्स शुरू करने की तैयारी है। डीएलएड जहां दो वर्षीय कोर्स है और इसके लिए प्रवेश अर्हता स्नातक है। वहीं, बीएलएड चार वर्षीय होगा और इसकी अर्हता इंटरमीडिएट निर्धारित की जाएगी। बीएलएड करने के बाद अभ्यर्थी बेसिक और माध्यमिक दोनों स्तरों की शिक्षक भर्ती के लिए योग्य होंगे।



परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि सीटों के सापेक्ष कम आवेदन आए हैं। कॉलेजों की भी मांग थी, इसे देखते हुए रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ाने का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। वहां से होने वाले निर्णय पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सत्र अगली बार से नियमित करने का प्रयास भी किया जाएगा।

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