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एटीएम हैक करने के बाद कई कार्ड लगाकर 3.40 लाख उड़ाये, पासबुक अपडेट कराने पर खाताधारकों को ठगी का पता चला
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साइबर ठगों ने एटीएम हैक करने के बाद कई बार कार्ड लगाकर उड़ाया कैश। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
आरबीएल बैंक के गोमतीनगर शाखा स्थित एटीएम को हैक कर जालसाजों ने आठ घंटे में 3.40 लाख रुपये पार कर दिए। वारदात दशहरा के दिन पांच अक्तूबर को अंजाम दी।
इसके लिए आरोपियों ने कई डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया। इस दौरान पीड़ित खाताधारकों को ट्रांजेक्शन के मेसेज भी नहीं पहुंचे। पासबुक अपडेट कराने पर लोगों को ठगी का पता चला।
शिकायत मिलने पर बैंक ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया तो वारदात की जानकारी हुई।
गोमतीनगर के विपुलखंड में आरबीएल बैंक है। इसके परिसर में एटीम बूथ भी है।
शाखा प्रबंधक सचिन मणि त्रिपाठी के मुताबिक, पांच अक्तूबर को दशहरे की छुट्टी थी। दोपहर करीब एक बजे से रात नौ बजे के बीच मशीन से 3.40 लाख रुपये निकाले गए।
कैश डिस्पेंसर से पैसे ट्रे में आने के दौरान हटा देते थे पावर प्लग
प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र मिश्र के अनुसार, छानबीन में पता चला कि बूथ में दो से तीन लोग कई बार आते दिखाई पड़े हैं। एटीएम के स्लॉट में डेबिट कार्ड लगाने के बाद ट्रांजेक्शन पूरा करते थे। इसके बाद मशीन के कैश डिस्पेंसर से पैसे ट्रे में आने के दौरान ही पावर प्लग चंद सेकंड के लिए निकालकर दोबारा लगा देते थे। ऐसे में कैश तो बाहर आ जाता है, लेकिन जिस कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। उस पर ट्रांजेक्शन मैसेज नहीं पहुंचता।
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खाताधारकों से संपर्क करेगी पुलिस
साइबर ठगों ने आठ घंटे में वारदात अंजाम दी। बैंक के रिकॉर्ड में कई बार अलग-अलग डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई। इसकी खाताधारकों ने शिकायत की थी। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, फुटेज के जरिये आरोपियों की तलाश की जा रही है। खाताधारकों से भी संपर्क किया जाएगा। इससे पता चल सके कि उनका कार्ड चोरी या गायब तो नहीं हुआ था। इसका इस्तेमाल कर हेराफेरी की गई।
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इसके लिए आरोपियों ने कई डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया। इस दौरान पीड़ित खाताधारकों को ट्रांजेक्शन के मेसेज भी नहीं पहुंचे। पासबुक अपडेट कराने पर लोगों को ठगी का पता चला।
शिकायत मिलने पर बैंक ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया तो वारदात की जानकारी हुई।
गोमतीनगर के विपुलखंड में आरबीएल बैंक है। इसके परिसर में एटीम बूथ भी है।
शाखा प्रबंधक सचिन मणि त्रिपाठी के मुताबिक, पांच अक्तूबर को दशहरे की छुट्टी थी। दोपहर करीब एक बजे से रात नौ बजे के बीच मशीन से 3.40 लाख रुपये निकाले गए।
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कैश डिस्पेंसर से पैसे ट्रे में आने के दौरान हटा देते थे पावर प्लग
प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र मिश्र के अनुसार, छानबीन में पता चला कि बूथ में दो से तीन लोग कई बार आते दिखाई पड़े हैं। एटीएम के स्लॉट में डेबिट कार्ड लगाने के बाद ट्रांजेक्शन पूरा करते थे। इसके बाद मशीन के कैश डिस्पेंसर से पैसे ट्रे में आने के दौरान ही पावर प्लग चंद सेकंड के लिए निकालकर दोबारा लगा देते थे। ऐसे में कैश तो बाहर आ जाता है, लेकिन जिस कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। उस पर ट्रांजेक्शन मैसेज नहीं पहुंचता।
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खाताधारकों से संपर्क करेगी पुलिस
साइबर ठगों ने आठ घंटे में वारदात अंजाम दी। बैंक के रिकॉर्ड में कई बार अलग-अलग डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करने की पुष्टि हुई। इसकी खाताधारकों ने शिकायत की थी। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, फुटेज के जरिये आरोपियों की तलाश की जा रही है। खाताधारकों से भी संपर्क किया जाएगा। इससे पता चल सके कि उनका कार्ड चोरी या गायब तो नहीं हुआ था। इसका इस्तेमाल कर हेराफेरी की गई।