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देर रात बिजली कनेक्शन कटने का खौफ दिखा तीन के खाते खंगाले
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बिजली कटौती का खौफ दिखाकर कर रहे ठगी। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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राजधानी में एक तरफ लोग जहां बिजली कटौती से परेशान हैं वहीं, साइबर ठगों ने इसे खाता खंगालने का जरिया बना लिया है। पिछले दो दिनों में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं।
जिनमें जालसाजों ने बिजली बिल न जमा होने पर रात में कनेक्शन काटने का डर दिखाकर 4.80 लाख रुपये ऐंठ लिए। इससे पहले ठगों ने संदिग्ध एप डाउनलोड करवाए।
इसके थोड़ी देर बाद पीड़ितों का खाता खाली हो गया। इनमें दो बुजुर्ग हैं। पुलिस मुकदमा दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद से जांच कर रही है।
विभूतिखंड के विजयंतखंड निवासी डॉ. पूनम तिवारी के मुताबिक, ससुर डॉ. चंद्र प्रकाश तिवारी के मोबाइल पर दोपहर करीब एक बजे मेसेज आया। इसमें बिजली बिल अपडेट करने के लिए एक नंबर (7001731272) पर संपर्क करने को कहा।
डेढ़ घंटे बाद दूसरी कॉल आई और साइबर ठगों ने क्विक इलेक्ट्रिसिटी सपोर्ट एप डाउनलोड कराया। इससे 11 रुपये ट्रांजेक्शन करने को कहा, लेकिन रकम ट्रांसफर नहीं हुई।
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कुछ देर बाद दूसरे मोबाइल नंबर से कॉल आई और इस बार एक्टिव सपोर्ट नाम का एप डाउनलोड कराया।
इसके बाद एसबीआई के खाते से 30,294 रुपये और यूनियन बैंक के खाते से 49,737 रुपये निकल गए। पीड़िता ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की और विभूतिखंड थाने में तहरीर दी।
पहले एप डाउनलोड करा 2.40 लाख ऐंठे, फिर वापसी का झांसा दे खाते से 1.10 लाख रुपये उड़ाए
विभूतिखंड थाने के रोहतास प्रेसीडेंसियल टॉवर ए ब्लॉक में रहने वाले 78 साल के डॉ. प्रमोद कुमार गुजराल व उनकी पत्नी डॉ. रत्नी बजाज गुजराल के खाते से साइबर जालसाजों ने 3.50 लाख रुपये साफ कर दिए।
डॉ. रत्नी के मुताबिक, कुछ दिन पहले पति के मोबाइल पर मेसेज आया। इसमें बिजली बिल बकाया होने की बात कहकर कनेक्शन काट दिए जाने की बात कही।
इसके बाद एक अंजान नंबर से कई बार कॉल आई, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया। लगातार कॉल आने पर पति ने बाती की तो ठगों ने एनी डेस्क एप डाउनलोड कराया।
इसके बाद एचडीएफसी बैंक के खाते से 2.40 लाख रुपये साफ कर दिए। इसके कुछ देर बाद दोबारा कॉल आई और कहा कि रकम लौटानी है।
फिर से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराया। इसके बाद दोबारा खाते से 1.10 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़िता ने साइबर क्राइम सेल व विभूतिखंड थाने में तहरीर दी। जिस पर कार्रवाई की जा रही है।
बिजलीकर्मी बन की कॉल, बिल अपडेट करने का झांसा दे लगाई चपत
कृष्णानगर के एलडीए कॉलोनी निवासी वकील निरंकार प्रसाद श्रीवास्तव का एसबीआई की ट्रांसपोर्टनगर शाखा में खाता है। बुधवार को निरंकार के मोबाइल पर कॉल आई। कॉलर ने खुद को बिजली कर्मचारी राहुल शर्मा बताया। कहा कि निरंकार का बिल नहीं जमा है। वकील ने 16 जून को बिल जमा करने की बात कही तो ठग ने कहा कि बिल अपडेट नहीं हुआ है और रात में बिजली लाइट काट दी जाएगी। यह सुनकर निरंकार हड़बड़ा गए। इसे भांपते हुए बिजली कर्मी ने एक लिंक भेजकर रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड कराई। इसका इस्तेमाल करते हुए ठग ने दो बार में खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। मेसेज आने पर निरंकार को धोखाधड़ी का पता चला। प्रभारी निरीक्षक आलोक राय के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है।
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जिनमें जालसाजों ने बिजली बिल न जमा होने पर रात में कनेक्शन काटने का डर दिखाकर 4.80 लाख रुपये ऐंठ लिए। इससे पहले ठगों ने संदिग्ध एप डाउनलोड करवाए।
इसके थोड़ी देर बाद पीड़ितों का खाता खाली हो गया। इनमें दो बुजुर्ग हैं। पुलिस मुकदमा दर्ज कर साइबर क्राइम सेल की मदद से जांच कर रही है।
विभूतिखंड के विजयंतखंड निवासी डॉ. पूनम तिवारी के मुताबिक, ससुर डॉ. चंद्र प्रकाश तिवारी के मोबाइल पर दोपहर करीब एक बजे मेसेज आया। इसमें बिजली बिल अपडेट करने के लिए एक नंबर (7001731272) पर संपर्क करने को कहा।
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डेढ़ घंटे बाद दूसरी कॉल आई और साइबर ठगों ने क्विक इलेक्ट्रिसिटी सपोर्ट एप डाउनलोड कराया। इससे 11 रुपये ट्रांजेक्शन करने को कहा, लेकिन रकम ट्रांसफर नहीं हुई।
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कुछ देर बाद दूसरे मोबाइल नंबर से कॉल आई और इस बार एक्टिव सपोर्ट नाम का एप डाउनलोड कराया।
इसके बाद एसबीआई के खाते से 30,294 रुपये और यूनियन बैंक के खाते से 49,737 रुपये निकल गए। पीड़िता ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की और विभूतिखंड थाने में तहरीर दी।
पहले एप डाउनलोड करा 2.40 लाख ऐंठे, फिर वापसी का झांसा दे खाते से 1.10 लाख रुपये उड़ाए
विभूतिखंड थाने के रोहतास प्रेसीडेंसियल टॉवर ए ब्लॉक में रहने वाले 78 साल के डॉ. प्रमोद कुमार गुजराल व उनकी पत्नी डॉ. रत्नी बजाज गुजराल के खाते से साइबर जालसाजों ने 3.50 लाख रुपये साफ कर दिए।
डॉ. रत्नी के मुताबिक, कुछ दिन पहले पति के मोबाइल पर मेसेज आया। इसमें बिजली बिल बकाया होने की बात कहकर कनेक्शन काट दिए जाने की बात कही।
इसके बाद एक अंजान नंबर से कई बार कॉल आई, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया। लगातार कॉल आने पर पति ने बाती की तो ठगों ने एनी डेस्क एप डाउनलोड कराया।
इसके बाद एचडीएफसी बैंक के खाते से 2.40 लाख रुपये साफ कर दिए। इसके कुछ देर बाद दोबारा कॉल आई और कहा कि रकम लौटानी है।
फिर से एनीडेस्क एप डाउनलोड कराया। इसके बाद दोबारा खाते से 1.10 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़िता ने साइबर क्राइम सेल व विभूतिखंड थाने में तहरीर दी। जिस पर कार्रवाई की जा रही है।
बिजलीकर्मी बन की कॉल, बिल अपडेट करने का झांसा दे लगाई चपत
कृष्णानगर के एलडीए कॉलोनी निवासी वकील निरंकार प्रसाद श्रीवास्तव का एसबीआई की ट्रांसपोर्टनगर शाखा में खाता है। बुधवार को निरंकार के मोबाइल पर कॉल आई। कॉलर ने खुद को बिजली कर्मचारी राहुल शर्मा बताया। कहा कि निरंकार का बिल नहीं जमा है। वकील ने 16 जून को बिल जमा करने की बात कही तो ठग ने कहा कि बिल अपडेट नहीं हुआ है और रात में बिजली लाइट काट दी जाएगी। यह सुनकर निरंकार हड़बड़ा गए। इसे भांपते हुए बिजली कर्मी ने एक लिंक भेजकर रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड कराई। इसका इस्तेमाल करते हुए ठग ने दो बार में खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए। मेसेज आने पर निरंकार को धोखाधड़ी का पता चला। प्रभारी निरीक्षक आलोक राय के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है।