आतंकियों तक से असलहे हासिल कर रहे हैं अपराधी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के महानगर इलाके से पकड़े गए दो शूटरों के पास से बरामद कार्बाइन व पिस्तौल के बारे में जानकारी जुटा रही एसटीएफ को अंदेशा है कि यूपी और बिहार के माफिया व उनके गिरोह आतंकी संगठनों से भी जुड़े हैं।
ऐसा इसलिए क्योंकि अभी तक की पड़ताल में बरामद कार्बाइन के जम्मू से लूटे जाने की जानकारी सामने आ रही है। एसटीएफ इसकी पुष्टि कर रही है।
इसके लिए एसटीएफ ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को बरामद कार्बाइन का सीरियल नंबर भेजा है। बरामद हुई पिस्तौल के बारे में एसटीएफ को पहले ही पता चला चुका है कि वह सिवान के मोहम्मद अलाउद्दीन के नाम पर दर्ज है।
इंडियन आर्डीनेंस फैक्ट्री में निर्मित इस पिस्तौल के सीरियल नंबर से यह पता लगा था कि इस पर जो सीरियल नंबर है वह सिवान के अलाउद्दीन के नाम जून 2003 में खरीदी गई थी।
...तो साबित हो जाएगा आतंकियों से जुड़े माफिया के तार
सूत्रों के अनुसार माफिया शहाबुद्दीन के दाहिने हाथ उपेंद्र सिंह, जिसने मोनू चवन्नी को सराफा कारोबारी की हत्या की सुपारी दी थी, ने ही यह पिस्तौल भी दिलाई थी। पहले भी कुछ वारदातों में इसके इस्तेमाल की सूचना एसटीएफ को मिली है, जिसकी तस्दीक की जा रही है।
एसटीएफ के सूत्रों का कहना है कि अगर बरामद कार्बाइन के जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा छीने जाने की पुष्टि हो जाती है तो यह साफ हो जाएगा कि सिवान के इस माफिया या उसके गिरोह के सदस्य आतंकियों से जुड़े हैं।
इस सूचना को एसटीएफ ने बिहार के आला पुलिस अफसरों को भी दे दिया है। एसटीएफ की एक टीम को इस सिलसिले में बिहार भेजने का भी विचार है।