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दोस्त की बीवी से शादी करने के लिए की हत्या!

Sat, 07 Feb 2015 12:01 PM IST
हेमंत पाण्डेय/अमर उजाला, लखनऊ
हेमंत पाण्डेय/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 07 Feb 2015 12:01 PM IST
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Truth of the Mohanlalganj murder case.

मोहनलालगंज में युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले मे पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने स्वीकार किया है कि मृतक की पत्नी से ब्याह रचाने के लिए ही उन्होंने कत्ल की साजिश रची थी। पुलिस ने उनके हत्या के प्रयोग हुआ तमंचा भी बरामद कर लिया है।

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एएसपी ग्रामीण हबीबुल हसन ने बताया कि मोहनलालगंज के दौलतखेड़ा मजरा कनकहा निवासी कल्लू प्रसाद (27) की लाश 31 जनवरी को जबरौली मोड़ के पास सड़क किनारे मिली थी।
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ग्रामीणों ने इसे दुर्घटना का मामला समझकर युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर में गोली मारकर हत्या की बात सामने आई।
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इसके बाद कल्लू के भाई ज्ञान बहादुर ने पवन कुमार और आशीष शुक्ला के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि जमीन विवाद के चलते पवन व आशीष ने कल्लू की हत्या की है।

इसके बाद पवन व आशीष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई वह निर्दोष निकले। कॉल डिटेल के आधार पर कल्लू के दोस्त राम बहोरन रावत और वीरेंद्र रावत का नाम प्रकाश में आया। इनसे कड़ाई से पूछताछ हुई तो उन्होंने हत्या की बात कुबूल कर ली।

मासूम बच्चों को देखकर हुआ पछतावा

Truth of the Mohanlalganj murder case.

राम बहोरन ने बताया कि वह कल्लू की पत्नी से शादी करना चाहता है। उसकी पत्नी से उसके काफी घनिष्ट संबंध हैं। कल्लू के जीवित रहते यह संभव नहीं था। इसीलिये उसने कल्लू को जान से मारने की साजिश रची।

इसके लिये वीरेंद्र रावत से संपर्क किया और उसे भी तैयार कर लिया। इसके बाद फोन करके कल्लू को जबरौली मोड़ के पास बुलाया। सुनसान जगह पर ले जाने के बाद वीरेंद्र ने तमंचे से उसके सिर में गोली मार दी।

इसके बाद वह लोग वहां से फरार हो गये। हालांकि सर्विलांस सेल के जरिये वह संदेह के घेरे में आ गये।

राम बहोरन और कल्लू के बीच गहरी दोस्ती थी। दोनो एक गांव के रहने वाले थे और एक साथ ही नौकरी भी करते थे। राम बहोरन का अक्सर कल्लू के घर आना जाना था।

इसी दौरान उसकी पत्नी से भी उसकी दोस्ती हो गई थी। हालांकि जब राम बहोरन ने उसका कत्ल किया तो उसके मासूम बच्चों को देखकर पछतावा होने लगा।

पांच साल पहले चोरी किया था तमंचा

Truth of the Mohanlalganj murder case.

वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उसने पांच साल पहले उन्नाव के मौरावां में एक चौकीदार का तमंचा चोरी किया था। इस तमंचे में एक गोली लोड थी। जब राम बहोरन ने उसे कल्लू का कत्ल करने की बात कही तो उसने भी उसे इस तमंचे के बारे में बताया।

राम बहोरन ने कल्लू को अलग-अलग किश्तों में करीब 30 हजार रुपये भी दिये थे। रुपयों के लालच में आकर ही वह कल्लू को मारने के लिए तैयार हो गया।

मां से कहता था - ‘जल्दी करा दो मेरी शादी’
कल्लू की मौत के बाद राम बहोरन उसकी पत्नी से ब्याह रचाने के सपने देखने लगा। इसी के साथ ही उसने भूमिका बनानी भी शुरू कर दी।

राम बहोरन ने अपनी मां से कहा कि वह कल्लू के बच्चों को बहुत चाहता है और उसकी पत्नी से ही उसे शादी करनी है। वह अपनी मां से कल्लू के घर जाकर शादी की बात छेड़ने की भी बात कहने लगा। उसकी मां इसके लिए राजी नहीं हुई।

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