अवैध संबंधों के शक में छोटे भाइयों ने रची ट्रिपल मर्डर की साजिश
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लखनऊ के माल थाना क्षेत्र के गांव थावर में ट्रिपल मर्डर का खुलासा पुलिस ने कर दिया। डॉक्टर राजकुमार मौर्या के कृत्यों से आहत दो छोटे भाइयों ने क्राइम शो देखकर ट्रिपल मर्डर की साजिश रची थी। इनमें मंझला भाई रामप्रकाश अपनी पत्नी रंजना और राजकुमार के अवैध संबंधों से बौखलाया था।
वहीं, छोटे भाई अंबर उर्फ अमरपाल ने अपमान व रकम हड़पने की वजह से राजकुमार व उसकी पत्नी आशा को ठिकाने लगाने की ठानी थी। सवालों की बौछार के साथ कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने ट्रिपल मर्डर का राज उगल दिया और उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल बांका और हंसिया बरामद हुआ है।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि गांव थावर के राजकुमार मौर्या, उसकी पत्नी आशादेवी व अनुजवधू रंजना के कातिल उसके भाई रामप्रकाश मौर्या व अंबर उर्फ अमरपाल मौर्या थे। अनेक लोगों से तहकीकात के बाद सोमवार देरशाम दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जुर्म कुबूल करते हुए दोनों ने राजकुमार के कृत्य उजागर किए।
राजकुमार के अपनी साली रंजना से गलत संबंध थे। नि:संतान राजकुमार ने मंझले भाई रामप्रकाश को वारिस बनाने का लालच देकर रंजना से उसकी शादी कराई थी। पत्नी को बड़े भाई संग आपत्तिजनक स्थिति में देखकर विरोध जताया। असर न पड़ने पर वह राजकुमार व रंजना को ठिकाने लगाने की साजिश बनाने लगा।
उसने संपत्ति में हिस्सा न देने व अपमान से आहत छोटे भाई अंबर को उकसाना शुरू किया। वह राजकुमार व आशा से खुन्नस मानता था।
ऐसे अंजाम दी वारदात
अमरपाल रात 11 बजे लघुशंका के बहाने लुकमान के घर से निकला और चौंझसा से तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाकर 15-20 मिनट में गांव थावर पहुंचा। घर से कुछ दूर बाइक खड़ी करके कुंडी खटखटाई। इंतजार कर रहे रामप्रकाश ने दरवाजा खोला।
भीतर आते ही अमरपाल ने दरवाजा बंद किया, जबकि रामप्रकाश ने दर्द का इंजेक्शन लगाने के बहाने रंजना को जगाया। ब्यूटी पार्लर से सटे क्लीनिक की तरफ बढ़ते ही अमरपाल ने रंजना के दोनों हाथ पीछे से पकड़े और रामप्रकाश ने मुंह दबाने के साथ हंसिया से गला रेत डाला।
उसका शव ब्यूटी पार्लर में छोड़कर दोनों भाई जीने की तरफ बढ़े। रामप्रकाश ने अंबर को बांका थमाया और खुद हंसिया लेकर राजकुमार के बेडरूम में पहुंचा। आहिस्ता से मच्छरदानी हटाने के साथ अमरपाल ने भाभी आशादेवी के सिर पर बांके से ताबड़तोड़ वार किए और मुंह दबाए रहा। आहट पर जागे डॉ. राजकुमार ने उठने की कोशिश की तो रामप्रकाश ने हंसिया से हमला करके मार डाला।
जीजा-साली के संबंधों पर चुप थी आशा
संतान न होने से परेशान आशादेवी अपने पति राजकुमार के साली रंजना से संबंधों पर चुप थी। राजकुमार द्वारा दूसरा ब्याह रचाने के डर से उसने रंजना से देवर रामप्रकाश की शादी कराने व दोनों को वारिस बनाने का प्रस्ताव रखा।
राजकुमार ने रिश्तेदारी व परिचितों के यहां समारोह में अपनी पत्नी आशा को भाई रामप्रकाश के साथ मेहमानी में भेजना शुरू किया। बच्चों को भूतल पर बहन सीमा संभालती थी। रामप्रकाश ने बताया कि एक दावत के बाद वह भाभी संग देररात घर लौटा। सीमा ने दरवाजा खोला। वह भाभी के साथ प्रथमतल पर उनके बेडरूम में छोड़ने गया। वहां राजकुमार व रंजना आपत्तिजनक स्थिति में मिले।
रामप्रकाश ने बताया कि बड़े भाई राजकुमार ने उसका पथरी का ऑपरेशन कराया था। इसके बाद तीन महीने तक पत्नी से संबंध न बनाने की हिदायत दी थी।
इसके चलते वह अपने बेटों के साथ एक कमरे में और रंजना दुधमुंही बच्ची व ननद सीमा के साथ दूसरे कमरे में सोती थी। कई बार वह बच्ची को कमरे में छोड़कर प्रथमतल पर जेठ राजकुमार के पास चली जाती थी। संदेह होने पर दोनों को रंगेहाथ पकड़ा।