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खुलासाः नौकरी दिलाने के नाम पर हुआ तीन करोड़ का खेल

Wed, 03 Sep 2014 03:20 AM IST
हेमंत पांडेय/अमर उजाला, लखनऊ
हेमंत पांडेय/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 03 Sep 2014 03:20 AM IST
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three crore fraud on the name of jobs.

भारतीय खाद्य निगम में पक्की नौकरी का सब्जबाग दिखा ठगों के एक गिरोह ने दो दर्जन से अधिक बेरोजगारों से तीन करोड़ रुपये ऐंठे। शाहजहांपुर और पलिया कला ले जाकर साक्षात्कार और मेडिकल कराया।

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बाद में सभी को मुंबई में ओएनजीसी में कॉन्ट्रैक्ट पर रखाकर गायब हो गए। ठगी का शिकार बने युवकों ने राजधानी लौटकर गुडंबा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मंगलवार को एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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गुडंबा के गौरा निवासी शिव विशाल मौर्या, विकास मौर्या और गोंडा निवासी कृष्ण प्रसाद कुशवाहा काफी दिनों से नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से ठगी का गोरखधंधा कर रहे थे।
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तीनों ने मिलकर भारतीय खाद्य निगम में नौकरी दिलवाने के नाम पर गुडंबा के रहने वाले सतीश कुमार मौर्या समेत दो दर्जन युवकों को अपने जाल में फंसाया। इसके बाद सभी से तीन बार चार-चार लाख रुपये लिए।

इंटव्यू भी कराया

three crore fraud on the name of jobs.

इस तरह करीब तीन करोड़ रुपये ऐंठने के बाद सभी को शाहजहांपुर ले गए। एक होटल में सभी का इंटरव्यू कराया। झांसे में आए युवक एक सप्ताह तक उसी होटल में अपने-अपने खर्च पर रुके रहे।

रिजल्ट न आने पर युवकों ने दबाव बनाया तो जालसाजों ने भर्ती प्रक्रिया में दिक्कत का बहाना बना दिया। इसके बाद से लगातार टरकाते रहे। आरोपी वर्ष 2013 से 2014 के बीच युवकों को तीन बार शाहजहांपुर और तीन बार पलिया कला ले गए।

जहां इंटरव्यू के साथ ही ट्रेनिंग भी कराई। यहां तक कि भारतीय खाद्य निगम का पहचान पत्र और चयनित लोगों की लिस्ट तक थमा दी। हालांकि जॉइनिंग के नाम पर टालमटोल करते रहे।

दबाव बड़ने पर शिव विशाल ने ओएनजीसी में इससे भी अच्छी नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। बातों में आकर सतीश समेत 25 युवक मुंबई चले गये। इंटरव्यू और मेडिकल के बाद ओएनजीसी कंपनी में रख लिया गया।

ये कहना है पुलिस का

three crore fraud on the name of jobs.

हालांकि कुछ दिन बाद पता चला कि सभी को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया है। खेल का खुलासा होने तक तीनों जालसाज फरार हो चुके थे।

इसके बाद ठगी का शिकार बने युवकों ने गुडंबा थाने पहुंच रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिव विशाल मौर्या को गिरफ्तार कर लिया।

कृष्णा प्रसाद है मास्टरमाइंड
मामले की विवेचना कर रहे सब इंस्पेक्टर नियम कुमार बाजपेई ने बताया कि गोंडा निवासी कृष्ण कुमार पूरे खेल का मास्टरमाइंड है।

रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कृष्ण ने ही पूरा प्लान बनाया। इसके बाद शिव विशाल और उसके भाई विकास को इसमें शामिल कर बेरोजगारों को फंसाया।

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