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‘शिक्षक भर्ती में सेलेक्ट नहीं हुई, दे रही हूं जान’

Sat, 31 Jan 2015 03:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 31 Jan 2015 03:53 PM IST
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tet aspirant committed suicide.

कृष्णानगर क्षेत्र में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित न होने से हताश युवती ने अपने कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी। वारदात के वक्त पूरा परिवार शादी समारोह में शामिल होने कानपुर गया था।

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घर पर युवती व उसकी भाभी थी। पुलिस के मुताबिक, कृष्णानगर के मानसनगर निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मी अमरनाथ मिश्रा की बेटी तृप्ती (26) ने एमए, बीएड व टीईटी पास किया था।
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मगर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित न होने पर कई माह से डिप्रेशन में थी। बृहस्पतिवार को परिवारीजन रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने कानपुर गए थे।
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घर पर तृप्ती व उसकी भाभी रुचि थी। भाभी रुचि ने बताया कि रात में वह खाना खाकर अपने कमरे में चली गई।

सुबह सात बजे वह सोकर उठी तो देखा दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाई। कोई आहट न मिलने पर खिड़की से झांककर देखा तो तृप्ती फंदे से लटकी थी।

होनहार थी तृप्ती

tet aspirant committed suicide.

सूचना पर पहुंची पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची। पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला जिसमें उसने लिखा था कि मैं तृप्ती मिश्रा अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रही हूं।

इसमें किसी का कोई दोष नहीं है, शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में मेरा सेलेक्शन नहीं हो सका जिसके चलते में जान दे रही हूं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मृतका पढ़ने लिखने में होशियार थी। हाईस्कूल, इंटर व बीएड उसने फर्स्ट डिवीजन से पास किया था। पिता ने बताया, बेटी का सपना था वह पढ़-लिखकर एक दिन शिक्षिका बनेगी।

मगर वह शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित नहीं हो सकी। यह बात उसने घर में किसी को नहीं बताई। असफल होने का डर उसे सता रहा था।

आखिरी बार पिता से की थी बात

tet aspirant committed suicide.

पिता अमरनाथ ने बताया कि बेटी से आखिरी बार बृहस्पतिवार रात 10 बजे बात हुई थी। फोन आने पर वहां बैंडबाजे का शोर होने से कुछ मिनट बात करने के बाद फोन काट दिया था।

देर रात दोबारा काल किया तो उसका फोन नहीं उठा। पिता ने बताया कि काश मैंने बेटी से उस वक्त बात की होती तो उसके इस गलत फैसले को बदलवा सकता था।

पिता के बुजुर्ग कंधे पर बेटी की अर्थी उठी तो वह फफक रोने लगे और बोले जिस बेटी को ससुराल विदा करना था उसे अंतिम विदाई दे रहा हूं।

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