फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Ten years jail for man for making fake currency.

Court decision: जाली नोट छापने वाले को 10 साल की कैद, 50 हजार रुपये का जुर्माना

Sat, 02 Jul 2022 05:46 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 02 Jul 2022 05:46 PM IST
सार

कोर्ट ने जाली नोट छापने वाले को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। वहीं, सप्लायर को भी आठ साल की जेल कैद की सजा दी है।

विज्ञापन
Ten years jail for man for making fake currency.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

प्रिंटर मशीन से जाली नोट छापने वाले मो. माज को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। एडीजे पवन राय ने उसे 10 वर्ष कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। इसी मामले में सप्लायर मो. सरताज को आठ वर्ष कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। अदालत ने कहा कि दोषियों का जिला कारागार में बिताया गया समय सजा की अवधि में समायोजित होगा।

विज्ञापन


सरकारी वकील प्रतिभा राय ने कोर्ट को बताया कि वजीरगंज पुलिस ने मुखबिर की मदद से एक फरवरी 2005 को कैसरबाग स्टैंड के गेट से सरताज को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उससे 15 हजार रुपये के जाली नोट बरामद हुए थे। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने मौलवीगंज के चिकमंडी निवासी मो. माज को घर से प्रिंटर मशीन से जाली नोट तैयार करते वक्त गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन


पुलिस ने उससे 500, 100 व 50 रुपये के जाली नोट बरामद किए थे। मो. सरताज ने कुबूला था कि असली 200 रुपये के नोट देने पर माज उसे एक हजार के जाली नोट देता था। इन नोटों को सीतापुर और हरदोई समेत अन्य जिलों में चलाया जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जाली नोट के दो तस्करों को तीन साल तीन माह की कैद
बांग्लादेश के रास्ते जाली नोट लाकर देश में खपाने वाले जियाउल हक और अब्दुल सलाम उर्फ  मिथुन को दोषी ठहराकर एनआईए के विशेष न्यायाधीश मो. गजाली ने तीन साल तीन माह की कैद और 10-10 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। सुनवाई के दौरान दोनों ने जुर्म स्वीकारा था।

कोर्ट में सरकारी वकील एमके सिंह ने कहा कि एसटीएफ  ने 24 अगस्त 2018 को डालीगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास से शिवभजन को 2000 रुपये के 153 जाली नोट, कुलदीप गुप्ता को 2000 के 27 जाली नोट, गुरुदेव उर्फ  विवेक राजपूत को 2000 के 25 जाली नोट और रजनीश यादव को 2000 के 25 जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था।


विवेचना के दौरान इन्होंने कुबूला कि घटना में जियाउल हक और अब्दुल सलाम भी शामिल थे। जियाउल बांग्लादेश के लोगों से जाली नोट लेकर अब्दुल सलाम को देता था, जो अन्य लोगों को इसकी सप्लाई करता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed