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एसओ नहीं, महिला सिपाही के खिलाफ ही हुई जांच

Tue, 14 Jan 2014 10:21 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 14 Jan 2014 10:21 AM IST
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shame on police

विभूतिखंड एसओ पंकज कुमार सिंह पर अश्लील फोटो का आरोप लगाने वाली महिला कांस्टेबल के मामले में नया मोड़ आ गया है।

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फेसबुक पर पीड़ा बयां करने वाली महिला कांस्टेबल के मामले में एसएसपी ने सीओ कैंट को जांच सौंपी थी। जांच रिपोर्ट सोमवार को एसएसपी को सौंपे जाने के बाद खुलासा हुआ कि जांच महिला कांस्टेबल के खिलाफ ही चल रही थी।

कठघरे में खड़े अफसर यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं कि महिला कांस्टेबल ने तो किसी की शिकायत ही नहीं की तो जांच कैसी?

उधर,महिला कांस्टेबल ने अफसरों पर षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए विभूतिखंड एसओ के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है।

करीब दस दिन से सुर्खियों में चल रहे इस मामले में महिला कांस्टेबल ने फेसबुक पर अपनी पीड़ा बयां की थी,जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।

फेसबुक पर महिला कांस्टेबल ने दूसरी महिला कांस्टेबल का नाम लिखते हुए उसके एसओ से संबंध होने का जिक्र किया था।

एसओ की पेशबंदी में दूसरी महिला सिपाही ने फेसबुक पर बदनाम करने का आरोप लगाते हुए एसएसपी से पीड़िता की लिखित शिकायत की। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने सीओ कैंट बबिता सिंह को मामले की जांच सौंपी थी,जिसकी रिपोर्ट उन्होंने आज एसएसपी को भेज दी।
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इसमें पता चला कि पुलिस अफसर सिर्फ फेसबुक पर बदनाम करने वाली महिला कांस्टेबल की शिकायत की जांच कर रहे थे।

एसओ से पीड़ित महिला कांस्टेबल के कोई लिखित प्रार्थनापत्र न देने का आधार बनाकर अफसरों ने पल्ला झाड़ लिया। अफसरों ने फेसबुक पर उसकी पीड़ा को भी शिकायत नहीं माना।
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पुलिस अफसरों का कहना है कि महिला ने फेसबुक पर शिकायत नहीं की थी बल्कि अपने दोस्तों और मीडिया से मदद मांगी थी।

उधर, महिला कांस्टेबल ने इस मामले में घोर आपत्ति जताई है। उसने कहा कि वह एसओ के खिलाफ कोर्ट जाएगी।

कानून के जानकारों के मुताबिक अगर कोई पीड़ित फेसबुक पर शिकायत करता है या किसी की पीड़ा अथवा शोषण के बारे में पुलिस को जानकारी मिलती है तो उसकी शिकायत का इंतजार करना जरूरी नहीं है।

पुलिस स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकती है। महिला कांस्टेबल ने अगर शिकायत नहीं की तो पुलिस अफसरों ने भी उसे नजरअंदाज कर अपराध किया है।

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