फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   shame on police

अफसरों ने साधी चुप्पी तो फिर फेसबुक पर बयां किया दर्द

Tue, 07 Jan 2014 09:25 AM IST
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ Updated Tue, 07 Jan 2014 09:25 AM IST
विज्ञापन
shame on police

महिला कांस्टेबल से अश्लीलता और अभद्रता के आरोपों में घिरे विभूतिखंड एसओ पंकज कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई न होने से क्षुब्ध महिला सिपाही ने आक्रामक रवैया अपनाया है।

विज्ञापन


रविवार शाम एसएसपी को इस्तीफा फैक्स करने वाली महिला कांस्टेबल ने अफसरों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही सोमवार सुबह फेसबुक पर एक और पोस्ट डालकर अपनी पीड़ा बयां की है।
विज्ञापन


विभूतिखंड एसओ और दोनों महिला कांस्टेबल के बीच पक रही खिचड़ी की जांच मंगलवार से शुरू होगी। सीओ कैंट बबिता सिंह को रविवार को जांच सौंपी गई थी। मंगलवार को तीनों को बयान के लिए बुलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर,अब तक अश्लील फोटो दिखाने संबंधी एसओ की शिकायत मिलने से इन्कार कर रहे अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिपाही डेढ़ महीना से अफसरों के संपर्क में थी।

एसएसपी जे. रविंदर गौड़ और डीआईजी नवनीत सिकेरा को एसएमसस भेजकर शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला कांस्टेबल के नाराज होकर जाने पर आरोपी एसओ ने दूसरी कांस्टेबल को मनाने भेजा था।

कांस्टेबल ने अपने मोबाइल से बात कराई थी। एसओ ने माफी मांगते हुए भविष्य में फिर से ऐसी हरकत न करने की कसम खाई,जिसके बाद महिला कांस्टेबल ने अधिकारियों को कार्रवाई न करने संबंधी मैसेज भी किया था।

बावजूद इसके एसओ का रवैया नहीं सुधरा और उसने फिर से हरकतें शुरू कर दीं। इसके बाद ही महिला कांस्टेबल ने सख्त कदम उठाया। शिकायत पर कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर इस्तीफा दिया है।


उसका कहना है कि अफसर भ्रष्ट एसओ का साथ दे रहे हैं और वह असहाय है। मान-सम्मान से समझौता करने से बेहतर है नौकरी छोड़ देना। उसने कहा कि डीआईजी सर से बड़ी उम्मीद थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed