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13 साल पुरानी है इन लुटेरे भाइयों की कहानी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 26 May 2014 09:50 AM IST
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गोंडा के महाराजगंज निवासी दो सगे भाई मिलकर चेन लूट की वारदात कर रहे थे।
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सर्विलांस सेल ने रविवार रात भूतनाथ मंदिर के पास से एक को दबोच लिया, जबकि छोटा भाई बच निकला।
आरोपी की निशानदेही पर दो लाख कीमत की सात सोने की चेन बरामद की गईं हैं। पुलिस के अनुसार दोनों मिलकर राजधानी में ही 50 से अधिक चेन लूट चुके हैं।
इसके साथ ही उसने अहमदाबाद, रायबरेली व गोंडा सहित कई जिलों में लूट-चोरी की दर्जनों वारदातें कुबूली हैं।
एसएसपी प्रवीन कुमार के मुताबिक, चेन लूट की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए सर्विलांस सेल के दरोगा अक्षय कुमार व संतोष तिवारी नेतृत्व में टीम गठित कर बदमाशों का पता लगाने के आदेश दिए गए थे।
टीम ने वारदातों की छानबीन कर सेलफोन नंबरों के आधार पर कुछ संदिग्धों को निशाने पर लिया।
पुख्ता जानकारी के बाद रविवार को भूतनाथ मंदिर के पास वारदात के इरादे से खड़े गोंडा के महाराजगंज कटहरिया निवासी आसिफ खां उर्फ भाईजान को दबोच लिया। जबकि साथ मौजूद उसका भाई फिरोज बच निकला।
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आसिफ ने बताया कि दोनों भाई पिछले तेरह साल से चेन लूट और चोरी जैसी वारदात कर रहे हैं।
सर्विलांस सेल के अनुसार आरोपी पर महज गोंडा में चोरी व लूट के चार मामले दर्ज हैं, इसके अलावा कहीं और कोई केस नहीं है।
पहली बार 1980 में रेलवे का लोहा चुराने और फिर वर्ष 2006, 2007 और 2008 में तीन और चोरी के केस दर्ज हुए।
इसके बाद आसिफ अपने भाई के साथ अहमदाबाद चला गया। वहां दोनों ने एक सर्राफा व्यवसायी से एक किलो सोना लूटा था। वर्ष 2001 से शहर में किराए पर रहकर वारदात करते और बीचबीच में दूसरे शहर चले जाते।
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