बैंक प्रबंधक की चाल में फंसे लुटेरे, गोली लगी पर बचा लिए बैंक के 20 लाख
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अमेठी शहर स्थित इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा से 20 लाख रुपये लेकर निकले बैंक अधिकारियों को ब्रांच पहुंचने से पहले रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने घेर लिया। कैश लूटने के लिए बदमाशों ने सहायक प्रबंधक व कार चालक को गोली मारकर घायल कर दिया।
इस बीच कैश बचाने के लिए शाखा प्रबंधक द्वारा कार से फेंके गए कागज व कपड़े से भरे दो बैग लेकर बदमाश फरार हो गए। 20 लाख रुपये लुटने से बच गए। इस घटना में घायल सहायक प्रबंधक और चालक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चालक की हालत गंभीर देख उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। एसपी के साथ डीआईजी फैजाबाद ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पीपरपुर क्षेत्र में ज्ञानीपुर स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा के प्रबंधक अंकित रावत, सहायक प्रबंधक राघवेंद्र माथुर, कैशियर अजय सिंह एक कार से सोमवार सुबह कैश लेने शहर स्थित मुख्य शाखा गए थे।
कार को रामपाल यादव (59) निवासी हड़हा कोतवाली लंभुआ चला रहा था। मुख्य शाखा से 20 लाख रुपये लेकर प्रबंधक व कर्मचारी कार से ज्ञानीपुर शाखा जा रहे थे। पीपरपुर क्षेत्र में रामगंज नहर के रास्ते बाबूगंज बाजार की तरफ कार के मुड़ते ही बाइक सवार दो बदमाशों ने पीछा किया।
कार चालक रामपाल को इसका अंदेशा हुआ तो उसने स्पीड बढ़ा दी। इस पर बाइक सवार बदमाशों ने कार को निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। इस बीच कार बाबूगंज बाजार मोड़ तक पहुंच गई।
मोड़ पर कार की रफ्तार धीमी होते ही दोनों बदमाश भी आ धमके और चालक रामपाल के साथ ही सहायक प्रबंधक राघवेंद्र माथुर को गोली मार दी। गोली चालक के सीने और राघवेंद्र के हाथ में लगी।
इसके बावजूद राघवेंद्र ने मोबाइल फोन से बदमाशों की फोटो खींचनी शुरू कर दी। यह देख बदमाशों ने मोबाइल फोन पर फायरिंग कर उसे नष्ट कर दिया। कार में बैठे बैंक मैनेजर अंकित रावत ने सूझबूझ का परिचय देते हुए कपड़े व कागजात से भरे दो बैग नीचे फेंक दिए।
बदमाश रुपये समझकर दोनों बैग लेकर बाइक से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक और राघवेंद्र को लेकर मैनेजर जिला अस्पताल सुल्तानपुर पहुंचे। चिकित्सकों ने चालक की हालत गंभीर देख उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
घटना की सूचना पर डीआईजी फैजाबाद ओंकार सिंह, एसपी अनुराग आर्य व अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और छानबीन की। डीआईजी ने बताया कि बैंक मैनेजर की सूझबूझ से लूट होने से बच गई है। फायरिंग में कार चालक को गोली लगी है। उसकी हालत नाजुक है।
खुलासे के लिए चार टीम गठित : एसपी
एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि घटना का शीघ्र खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच के साथ ही थानाध्यक्ष बाजार शुकुल, पीपरपुर व संग्रामपुर के नेतृत्व में चार टीमें गठित की गई हैं। घटना का केस दर्ज किया गया है।
मैनेजर ने शुक्रवार को ही किया था जॉइन
इलाहाबाद बैंक की ज्ञानीपुर शाखा के मैनेजर अंकित रावत ने गत शुक्रवार को ही पदभार ग्रहण किया था। शनिवार और रविवार को छुट्टी होने के कारण बैंक बंद थी। सोमवार को बैंक में रुपये नहीं थे। रुपये लेने के लिए अंकित रावत सहयोगियों के साथ सुल्तानपुर मुख्य शाखा गए थे।
सीसीटीवी रिकॉर्डिंग खंगाली, बैंक कर्मियों से पूछताछ
घटना की जांच करने पहुंचे डीआईजी ओंकार सिंह और एसपी अनुराग आर्य व एएसपी बलरामाचारी दुबे ने ज्ञानीपुर शाखा पहुंचकर सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग की जांच की। इसके साथ ही बैंक में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की। बदमाशों ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया उसे देखते हुए पुलिस अधिकारियों का मानना है कि लुटेरे ज्ञानीपुर बैंक से सोमवार सुबह ही कर्मियों के पीछे लग गए थे। रुपये निकालने के बाद वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।
कार चालक ने दिखाया साहस
भादर। लंभुआ क्षेत्र के हड़हा गांव के निजी कार चालक राम पाल यादव (50) ने लूट के दौरान अपनी जान लगाकर बैंक कर्मियों को बदमाशों से बचाने का प्रयास किया। बैंक कर्मियों के मुताबिक रामपाल ने कहा कि साहब चिंता न करें बदमाश आपको छू भी नहीं सकेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से सड़क पर अचानक मोड़ आ गया जिसकी वजह से रामपाल को मजबूरी में कार को थोड़ा धीमा करना पड़ा। कार नहीं रोकने से नाराज बदमाशों ने पहले उसे ही गोली मारी।