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यूपी में रोजाना तीन बच्चों से यौन शोषण, गैंगरेप भी बढ़े

Mon, 14 Dec 2015 12:08 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 14 Dec 2015 12:08 AM IST
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Report on Child abuse in Uttar Pradesh.

सूबे में बच्चों व किशोरों के यौन शोषण के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। पिछले नौ महीनों में ही बालक-बालिकाओं के साथ यौन उत्पीड़न के 835 मामले दर्ज हुए हैं। यानी रोजाना तकरीबन तीन बच्चों को शिकार बनाया जा रहा है। इस अवधि में महिलाओं से गैंगरेप के मामले भी बढ़े हैं। प्रदेश में अब तक 269 मामले गैंगरेप के दर्ज हुए हैं। वहीं इस दौरान एसिड अटैक के 57 मामले दर्ज हुए।

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ये चौंकाने वाले आंकड़े रानी लक्ष्मी बाई महिला सम्मान कोष में दर्ज हुए हैं। सरकार ने पीड़ित महिलाओं को आर्थिक मदद दिलाने के लिए इस कोष का गठन किया है। सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर भी तैयार किया है। इसी के जरिये पीड़ित महिलाओं की मदद की जा रही है। इस साल मार्च से इसमें बच्चों व महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को दर्ज किया जा रहा है।
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सबसे ज्यादा हैरान करने वाले आंकड़े बच्चों के साथ यौन शोषण के हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सूबे में बलात्कार के 88 व सामूहिक बलात्कार के 269 मामले ही अब तक दर्ज हुए हैं, जबकि बच्चों के साथ यौन शोषण के 835 मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन इस पर अभी तक सरकार का ध्यान नहीं गया है। सूबे में दहेज हत्या के भी अब तक 302 मामले दर्ज हुए हैं।
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यही नहीं, प्रदेश में बच्चों के साथ अप्राकृतिक संबंध के भी 72 मामले अब तक दर्ज हुए हैं। सूबे में 20 मामले ऐसे भी हैं जिनमें बच्चों के साथ यौन शोषण के बाद उनकी हत्या कर दी गई। ये ऐसे मामले हैं जो प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज हैं, जबकि सैकड़ों ऐसे केस भी हैं जो अभी तक थानों में दर्ज ही नहीं हो पाए हैं।

ये है सूबे के जिलों में अपराधों का आंकड़ा

Report on Child abuse in Uttar Pradesh.

वहीं बहुत से जिलों ने अभी महिला सम्मान कोष के सॉफ्टवेयर में केस दर्ज नहीं किए हैं। इन जिलों ने ग्राम प्रधानी चुनाव के बाद केस दर्ज करने की बात कही है। सारे केस दर्ज होने के बाद जो आंकड़े आएंगे, उससे और भी भयावह स्थिति सामने आ सकती है।

दहेज हत्या--302
गैंगरेप--269
रेप--88
एसिड अटैक--57
बच्चों के साथ यौन शोषण--835
यौन शोषण के बाद हत्या--20
बच्चों के साथ अप्राकृतिक संबंध--72

इन जिलों में सबसे अधिक बच्चों का यौन शोषण
जिला--केस
लखनऊ--48
प्रतापगढ़--46
हरदोई--41
मुरादाबाद--39
बाराबंकी--34
वाराणसी--32
आगरा--32

उन्नाव--28
शामली--27
गाजीपुर--26
सीतापुर--23
कासगंज--23
अंबेडकरनगर--22

...और इन जिलों में सर्वाधिक गैंगरेप

Report on Child abuse in Uttar Pradesh.

मुरादाबाद--26
अंबेडकरनगर--20
एटा--18
बाराबंकी--12
अलीगढ़--12

जिम्मेदार नावाकिफ, कहा-अंकुश के लिए करेंगे सख्ती
इस पर प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पण्डा का कहना है कि बच्चों के उत्पीड़न के मामले देखने के लिए प्रदेश में एक सेल बना हुआ है। यह सेल काफी एक्टिव भी रहता है। केस इतने ज्यादा बढ़ गए हैं, इसकी जानकारी हमें नहीं थी।

आपने जो हमें जानकारी दी है उसका हम जरूर संज्ञान लेंगे। जल्द ही महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की समीक्षा की जाएगी। इन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार सख्ती करेगी।

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